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राजस्थान में फसल बीमा का रकबा घटा, लेकिन कंपनियों का प्रीमियम बढ़ा; वीडियो में जाने 5 साल में किसानों को मिले 18 हजार करोड़ के क्लेम

राजस्थान में फसल बीमा का रकबा घटा, लेकिन कंपनियों का प्रीमियम बढ़ा; वीडियो में जाने 5 साल में किसानों को मिले 18 हजार करोड़ के क्लेम

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को लेकर राजस्थान में पिछले पांच सालों के आंकड़ों में एक अलग ही तस्वीर सामने आई है। राज्य में जहां फसल बीमा कवरेज का क्षेत्र लगातार कम हुआ है, वहीं बीमा कंपनियों को मिलने वाला प्रीमियम लगातार बढ़ता गया है। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2021 से 2026 के बीच राजस्थान में बीमित फसल क्षेत्र में कमी आई, लेकिन प्रीमियम राशि में बड़ा इजाफा हुआ। यह जानकारी लोकसभा में कांग्रेस सांसद राहुल कस्वां और बृजेंद्र सिंह ओला के सवालों के जवाब में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की ओर से दी गई है।

107 लाख हेक्टेयर से घटकर 101.50 लाख हेक्टेयर हुआ बीमा क्षेत्र

मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, राजस्थान में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमा कवरेज वाला क्षेत्र पिछले पांच सालों में घटा है।वर्ष 2021 में जहां करीब 107 लाख हेक्टेयर क्षेत्र फसल बीमा के दायरे में था, वहीं वर्ष 2025-26 तक यह घटकर करीब 101.50 लाख हेक्टेयर रह गया।यानी पांच साल में बीमित क्षेत्र में करीब 5.5 लाख हेक्टेयर की कमी आई है।

प्रीमियम में 1000 करोड़ से ज्यादा की बढ़ोतरी

फसल बीमा क्षेत्र घटने के बावजूद बीमा कंपनियों को दिए जाने वाले प्रीमियम में लगातार बढ़ोतरी हुई है।आंकड़ों के अनुसार, राजस्थान में वर्ष 2021 के आसपास फसल बीमा का प्रीमियम करीब 4800 करोड़ रुपए था, जो पांच साल बाद बढ़कर 5888 करोड़ रुपए से अधिक हो गया।इस अवधि में बीमा प्रीमियम में करीब 1053 करोड़ रुपए की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

किसानों को मिले 18,189 करोड़ रुपए के क्लेम

कृषि मंत्रालय के अनुसार, वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक पांच साल की अवधि में किसानों, राज्य सरकार और केंद्र सरकार ने मिलकर बीमा कंपनियों को कुल 26,757.56 करोड़ रुपए का प्रीमियम दिया।वहीं, फसल खराब होने की स्थिति में किसानों को इस अवधि में कुल 18,189.16 करोड़ रुपए का क्लेम मिला।हालांकि, बीमा कवरेज वाले क्षेत्र में कमी के साथ-साथ किसानों को मिलने वाले क्लेम में भी हर साल गिरावट देखने को मिली है।

आंकड़ों पर उठ रहे सवाल

फसल बीमा योजना के इन आंकड़ों को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं कि जब बीमा का दायरा कम हो रहा है, तो प्रीमियम राशि में लगातार बढ़ोतरी क्यों हो रही है। किसान संगठनों का कहना है कि योजना का उद्देश्य किसानों को प्राकृतिक आपदाओं से आर्थिक सुरक्षा देना है, लेकिन बीमा प्रक्रिया को और अधिक सरल और पारदर्शी बनाने की जरूरत है।वहीं, सरकार का कहना है कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों को जोखिम से बचाने के लिए चलाई जा रही एक महत्वपूर्ण योजना है और समय-समय पर इसमें सुधार किए जा रहे हैं।राजस्थान जैसे कृषि प्रधान राज्य में फसल बीमा के घटते क्षेत्र और बढ़ते प्रीमियम का मुद्दा आने वाले समय में राजनीतिक और किसान संगठनों के बीच चर्चा का विषय बन सकता है।

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