जयपुर नगर निगम के 6 नवनिर्वाचित पार्षदों पर आपराधिक मामले, हलफनामों में दर्ज हैं आरोप
जयपुर नगर निगम के 150 वार्डों में हुए चुनाव के बाद नवनिर्वाचित पार्षदों से जुड़ी हलफनामों की जानकारी सामने आई है। चुनावी हलफनामों के अनुसार, 6 ऐसे पार्षद हैं, जिनके खिलाफ अलग-अलग आपराधिक मामले दर्ज रहे हैं। इन मामलों में मारपीट, चोरी, सरकारी काम में बाधा, सार्वजनिक स्थान पर दंगा और अन्य धाराओं से जुड़े आरोप शामिल हैं। खास बात यह है कि आपराधिक मामलों का सामना कर रहे छह पार्षदों में एक महिला पार्षद भी शामिल हैं।
यह जानकारी चुनाव के दौरान उम्मीदवारों की ओर से दाखिल किए गए हलफनामों में दर्ज विवरण पर आधारित है। किसी व्यक्ति के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज होना अपने आप में दोष सिद्ध होने के समान नहीं है। संबंधित मामलों में अदालत का अंतिम फैसला अलग विषय है।
वार्ड 97 के भाजपा पार्षद पर चोरी का केस
वार्ड 97 से भाजपा के नवनिर्वाचित पार्षद शशि प्रकाश शर्मा के खिलाफ चोरी से जुड़ा मामला दर्ज होने की जानकारी हलफनामे में दी गई है। उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 379 के तहत मामला लंबित बताया गया है। धारा 379 चोरी से संबंधित है।चुनावी हलफनामे में दर्ज जानकारी के मुताबिक, मामला अभी न्यायिक प्रक्रिया में है। ऐसे में आरोपों पर अंतिम निर्णय अदालत की कार्यवाही के बाद ही होगा।
शैलेंद्र शर्मा पर गंभीर चोट पहुंचाने का आरोप
वार्ड 11 से भाजपा के शैलेंद्र शर्मा भी उन नवनिर्वाचित पार्षदों में शामिल हैं, नके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज होने की जानकारी हलफनामे में दी गई है। उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 126(2) और 115(2) के तहत मामला दर्ज होने का उल्लेख है।इन धाराओं से जुड़े मामले में किसी व्यक्ति को चोट पहुंचाने और उससे संबंधित आरोप शामिल हैं। हलफनामे में दर्ज जानकारी के अनुसार मामला उनके चुनावी रिकॉर्ड का हिस्सा है।
सरकारी काम में बाधा का मामला
वार्ड 74 से भाजपा के पार्षद रामपाल के खिलाफ सरकारी कर्मचारी के काम में बाधा डालने से जुड़ा मामला दर्ज है। हलफनामे के मुताबिक, उनके खिलाफ आईपीसी की धारा 332 और 353 के तहत मामला दर्ज किया गया था।धारा 332 सरकारी कर्मचारी को उसके कर्तव्य से रोकने के लिए चोट पहुंचाने और धारा 353 सरकारी कर्मचारी को ड्यूटी से रोकने के लिए हमला या आपराधिक बल प्रयोग से संबंधित है।
कांग्रेस पार्षद पर भी दर्ज रहा मामला
वार्ड 65 से कांग्रेस के नवनिर्वाचित पार्षद मुकेश कुमार के लाफ सार्वजनिक स्थान पर दंगे से जुड़ा मामला दर्ज होने की जानकारी हलफनामे में दी गई है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के मुताबिक इस मामले का निस्तारण हो चुका है।जयपुर नगर निगम के चुनाव में कुल 150 वार्डों के नतीजे घोषित हुए हैं। इनमें अलग-अलग राजनीतिक दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की है। नवनिर्वाचित पार्षदों के हलफनामों में दर्ज आपराधिक मामलों की जानकारी चुनाव प्रक्रिया के दौरान सार्वजनिक की गई थी। ऐसे मामलों में आरोप और दोषसिद्धि के बीच अंतर करना जरूरी है, क्योंकि अंतिम फैसला संबंधित अदालत की प्रक्रिया पर निर्भर करता है।छह पार्षदों से जुड़े मामलों की जानकारी सामने आने के बाद अब उनके खिलाफ दर्ज मुकदमों की स्थिति, धाराओं और न्यायिक प्रक्रिया पर भी नजर रहेगी

