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जयपुर के अस्पताल में नवजात के जेंडर को लेकर विवाद, वीडियो में जाने पति ने मांगी DNA जांच; मेडिकल रिकॉर्ड में ‘Boy’ लिखे होने का दावा

जयपुर के अस्पताल में नवजात के जेंडर को लेकर विवाद, वीडियो में जाने पति ने मांगी DNA जांच; मेडिकल रिकॉर्ड में ‘Boy’ लिखे होने का दावा

जयपुर नेशनल यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल में पत्नी की डिलीवरी के बाद नवजात के जेंडर को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। नवजात के पिता कृष्ण मुरारी शर्मा ने अस्पताल के रिकॉर्ड और परिवार को सौंपे गए बच्चे को लेकर सवाल उठाए हैं। उका आरोप है कि अस्पताल की मेडिकल फाइल में नवजात के जेंडर के सामने ‘Boy’ लिखा हुआ था, लेकिन करीब तीन घंटे बाद जब नवजात को परिवार को सौंपा गया तो बच्ची दी गई। मामले के बाद कृष्ण मुरारी शर्मा ने खो नागोरियान थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने नवजात की DNA जांच कराने के साथ मेडिकल रिकॉर्ड और CCTV फुटेज सुरक्षित रखने तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

मेडिकल रिकॉर्ड में ‘Boy’ लिखे होने का दावा

कृष्ण मुरारी शर्मा के अनुसार, डिलीवरी के बाद अस्पताल की मेडिकल फाइल में नवजात के जेंडर के सामने ‘Boy’ लिखा हुआ था। उनका दावा है कि बाद में इस जगह कटिंग और ओवरराइटिंग की गई।उन्होंने रिकॉर्ड में कथित बदलाव को लेकर अस्पताल प्रशासन से सवाल उठाए हैं। परिवार की मांग है कि मेडिकल रिकॉर्ड का मूल दस्तावेज सामने लाया जाए और यह पता लगाया जाए कि उसमें बदलाव कब और किस व्यक्ति ने किया।कृष्ण मुरारी शर्मा का आरोप है कि जब उन्होंने अस्पताल प्रशासन से मूल दस्तावेज और संबंत रिकॉर्ड मांगे तो उन्हें तत्काल रिकॉर्ड नहीं दिखाया गया। बाद में कुछ दस्तावेज दिखाए गए, जिनमें कथित तौर पर कटिंग और ओवरराइटिंग दिखाई दे रही थी।

DNA जांच और CCTV फुटेज सुरक्षित रखने की मांग

मामले में परिवार ने नवजात की DNA जांच कराने की मांग की है। इसके अलावा अस्पताल में लगे CCTV कैमरों की फुटेज सुरक्षित रखने की भी मांग की गई है, ताकि डिलीवरी के बाद नवजात को लेकर हुई पूरी प्रक्रिया की जांच की जा सके।पति ने पुलिस से मांग की है कि अस्पताल के मेडिकल रिकॉर्ड में कथित बदलाव की भी जांच की जाए। परिवार यह जानना चाहता है कि रिकॉर्ड में बदलाव कब किया गया और इसे किसने किया।

अस्पताल के बाहर धरने पर बैठा परिवार

विवाद के बाद परिवार अस्पताल के बाहर धरने पर बैठ गया है। वहीं महिला अभी अस्पताल में भर्ती है। परिवार का कहना है कि जब तक पूरे मामले की निष्पक्ष जांच नहीं होती, तब तक वे अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाते रहेंगे।फिलहाल इस पूरे मामले में परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों की जांच होना बाकी है। पुलिस शिकायत के आधार पर मामले की जांच कर रही है। अस्पताल प्रशासन का पक्ष और जांच में सामने आने वाले तथ्य इस विवाद की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करेंगे।

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