जयपुर जंक्शन पर ‘लपकागिरी’ पर चिंता: यात्रियों को घेरने की बढ़ती शिकायतें, RPF ने सख्ती के संकेत दिए
जयपुर जंक्शन पर अवैध रूप से यात्रियों को परेशान करने और जबरन होटल-टैक्सी बुकिंग का दबाव बनाने वाले तथाकथित “लपकों” की गतिविधियां एक बार फिर चर्चा में हैं। स्टेशन परिसर से लेकर प्लेटफॉर्म और यहां तक कि ट्रेन कोच तक यात्रियों को घेरने की शिकायतें सामने आ रही हैं।
सूत्रों के अनुसार, विशेष रूप से विदेशी पर्यटक, महिला यात्री और बुजुर्ग इस तरह की गतिविधियों का ज्यादा शिकार हो रहे हैं। कई यात्रियों ने आरोप लगाया है कि स्टेशन से बाहर निकलते ही कुछ लोग उन्हें रोककर होटल बुकिंग, टैक्सी सेवा या टूर पैकेज लेने के लिए दबाव बनाते हैं।
कई मामलों में यह भी सामने आया है कि यात्रियों को भ्रमित कर उन्हें अनधिकृत एजेंसियों या अधिक कीमत वाली सेवाओं की ओर ले जाया जाता है। इससे न केवल यात्रियों को आर्थिक नुकसान होता है, बल्कि उनकी सुरक्षा और सुविधा पर भी सवाल उठते हैं।
रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के अधिकारियों ने इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए कहा है कि जल्द ही विशेष अभियान चलाया जाएगा। स्टेशन परिसर में निगरानी बढ़ाने, संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान करने और लगातार पेट्रोलिंग करने की योजना बनाई जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि जयपुर जंक्शन जैसे व्यस्त और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों वाले स्टेशन पर इस तरह की गतिविधियों को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके लिए सीसीटीवी निगरानी और ग्राउंड स्टाफ की तैनाती को और मजबूत किया जाएगा।
पर्यटन उद्योग से जुड़े जानकारों का मानना है कि ऐसी गतिविधियां शहर की छवि पर नकारात्मक असर डालती हैं। जयपुर एक प्रमुख पर्यटन केंद्र होने के कारण यहां आने वाले विदेशी पर्यटकों के अनुभव का सीधा प्रभाव राज्य की पर्यटन प्रतिष्ठा पर पड़ता है।
स्थानीय यात्रियों और सामाजिक संगठनों ने भी रेलवे प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि अगर समय रहते इस पर नियंत्रण नहीं किया गया, तो यह समस्या और गंभीर हो सकती है।
फिलहाल RPF ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में स्टेशन परिसर में औचक जांच और विशेष अभियान चलाकर ऐसे तत्वों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि यात्रियों को सुरक्षित और सहज यात्रा अनुभव मिल सके।

