सीएम भजनलाल शर्मा का उद्यमियों को संदेश, वीडियो में जाने युवा पीढ़ी को प्रोत्साहित करें, ‘दाल-रोटी’ सोच छोड़ें
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने उद्यमियों को सम्बोधित करते हुए कहा है कि कई बार उन्हें उद्योग चलाने वाले लोग अपनी उपलब्धियों को हल्के में लेते हैं। सीएम ने कहा कि उद्यमियों की आदत बन गई है कि उनका व्यवसाय चल रहा हो, लाभ भी अच्छा हो, फिर भी वे कहते हैं कि “टाइम पास हो रहा है” या “दाल-रोटी निकल रही है।”
सीएम ने उदाहरण देते हुए बताया कि कई बार उद्यमी उनसे मिलने आते हैं। उनसे जब पूछा जाता है कि व्यवसाय कैसा चल रहा है, तो अधिकांश उद्यमी यही जवाब देते हैं कि “दाल-रोटी निकल रही है।” भजनलाल शर्मा ने कहा कि कई उद्यमियों की एक यूनिट से दो, दो से तीन यूनिटें बन गई हैं, फिर भी उनका नजरिया वही रहता है – बस रोज़मर्रा की जरूरतें निकल रही हैं।
मुख्यमंत्री ने इस सोच पर चिंता जताई और कहा कि यह दृष्टिकोण सही नहीं है। उन्होंने उद्यमियों से आग्रह किया कि वे युवा पीढ़ी को उद्योग लगाने और व्यवसाय बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करें। सीएम का कहना था कि अगर उद्यमी यह सोचेंगे कि “हमारी दाल-रोटी ही मुश्किल से निकल रही है,” तो युवा पीढ़ी निराश होगी और नई पहल करने से पीछे हट जाएगी।
सीएम ने जोर देते हुए कहा, “अगर आपने युवा पीढ़ी को प्रोत्साहित किया, उन्हें समर्थन दिया, और वे नई यूनिट लगाते हैं और व्यवसाय सफल होता है, तो कई बार यही लोग कहेंगे कि उन्होंने कभी सही दिशा नहीं दिखाई। लेकिन सच यह है कि उनकी सोच और उद्यमियों का सहयोग ही युवा पीढ़ी को आगे बढ़ने में मदद करता है।”
भजनलाल शर्मा ने स्पष्ट किया कि उद्यमियों को केवल अपने व्यवसाय की स्थिरता पर संतुष्ट नहीं होना चाहिए। बल्कि उनकी जिम्मेदारी यह भी है कि वे युवा उद्यमियों को मार्गदर्शन दें और उन्हें नए उद्योग और निवेश के लिए प्रोत्साहित करें।
सीएम ने कहा कि यह समय युवा पीढ़ी के अवसरों को पहचानने और उन्हें सही दिशा देने का है। अगर उद्यमी यह काम करेंगे, तो न केवल व्यवसाय बढ़ेगा, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था में भी सुधार होगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि सीएम के इस संदेश में युवा सशक्तिकरण और उद्यमिता को बढ़ावा देने का साफ संकेत है। उद्यमियों की भागीदारी और मार्गदर्शन से नए व्यवसाय स्थापित होंगे, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और आर्थिक विकास को गति मिलेगी।
सीएम भजनलाल शर्मा का यह संदेश यह याद दिलाता है कि व्यवसाय में केवल मुनाफे तक सीमित सोच रखना पर्याप्त नहीं है। युवा पीढ़ी को प्रोत्साहित करना, उन्हें सही दिशा दिखाना और अनुभव साझा करना भी उतना ही जरूरी है। यह न केवल उद्यमियों के लिए, बल्कि पूरे राज्य के लिए फायदे का सौदा साबित होगा।
इस प्रकार, मुख्यमंत्री ने उद्यमियों से आग्रह किया है कि वे अपनी सफलता और अनुभव का लाभ युवा पीढ़ी तक पहुंचाएं और उन्हें नई दिशा देने में मदद करें। ‘दाल-रोटी’ सोच छोड़कर बड़े सोच के साथ आगे बढ़ने की आवश्यकता है, जिससे उद्यमिता और आर्थिक विकास दोनों को बढ़ावा मिले।

