Samachar Nama
×

सीएम भजनलाल शर्मा का बडा ऐलान, वीडियो में जानें प्रदेश में 1.44 लाख सरकारी नौकरियों की प्रक्रिया जारी, 21 हजार युवाओं को मिलेगा नियुक्ति पत्र

सीएम भजनलाल शर्मा का बडा ऐलान, वीडियो में जानें प्रदेश में 1.44 लाख सरकारी नौकरियों की प्रक्रिया जारी, 21 हजार युवाओं को मिलेगा नियुक्ति पत्र

राज्य के युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा है कि प्रदेश में सरकारी नौकरियों को लेकर व्यापक स्तर पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है। सरकार 1.44 लाख पदों पर नियुक्तियां देने की दिशा में काम कर रही है, जबकि एक लाख भर्तियों का विस्तृत कैलेंडर भी जारी कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि जल्द ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कार्यक्रम प्रस्तावित है, जिसमें 21 हजार युवाओं को प्रधानमंत्री के हाथों नियुक्ति पत्र सौंपे जाएंगे।

मुख्यमंत्री रविवार को सरपंच संघ के एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने युवाओं, भर्ती प्रक्रिया और प्रशासनिक पारदर्शिता को लेकर सरकार की प्राथमिकताओं को विस्तार से रखा। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार का लक्ष्य है कि योग्य युवाओं को बिना किसी भेदभाव और बिना बाधा के रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएं।

सीएम शर्मा ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले भर्ती परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठते थे। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासनकाल में लगभग हर परीक्षा में पेपर लीक की घटनाएं सामने आती थीं, जिससे लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित होता था। उन्होंने कहा, “पिछले दो साल में एक भी परीक्षा का पेपर लीक हुआ क्या? हमारी सरकार ने पारदर्शी और सख्त व्यवस्था लागू की है, जिससे भर्ती प्रक्रिया निष्पक्ष बनी हुई है।”

मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि भर्ती प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा और युवाओं को जल्द से जल्द नियुक्तियां दी जाएंगी। उन्होंने कहा कि सरकार रोजगार सृजन को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है, ताकि प्रदेश के युवा आत्मनिर्भर बन सकें।

कार्यक्रम में मौजूद सरपंचों को संबोधित करते हुए सीएम ने संवेदनशीलता और जनसेवा का संदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि होने के नाते सरपंचों की जिम्मेदारी केवल विकास कार्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों की समस्याओं को समझना और उनके साथ सहानुभूति से पेश आना भी उतना ही जरूरी है।

उन्होंने कहा, “व्यक्ति तीन कारणों से किसी के पास जाता है—पहला भाव से, दूसरा अभाव से और तीसरा प्रभाव से। जो भी आपके पास आता है, जरूरी नहीं कि उसके सभी काम हो जाएं, लेकिन उसकी बात जरूर सुनें और उसके साथ अच्छा व्यवहार करें।”

ग्रामीण कहावत का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “गुड़ न दें तो गुड़ जैसी बात तो करें।” उनका कहना था कि मधुर व्यवहार से आधी समस्याएं अपने आप हल हो जाती हैं। उन्होंने जोड़ा कि एक सेवक की तकलीफ को एक सेवक ही सही मायनों में समझ सकता है, इसलिए जनप्रतिनिधियों को जनता के प्रति सेवा भाव रखना चाहिए।

मुख्यमंत्री के इस संबोधन से जहां युवाओं में रोजगार को लेकर उम्मीद जगी है, वहीं सरपंचों को भी जनसेवा के प्रति संवेदनशील रहने का संदेश मिला है।

Share this story

Tags