चतुर्थ श्रेणी भर्ती विवाद: कर्मचारी चयन बोर्ड ने जारी की 1.45 लाख अभ्यर्थियों की OMR शीट, सबूत के साथ मांगी शिकायत
राजस्थान में चतुर्थ श्रेणी भर्ती परीक्षा के परिणामों को लेकर उठ रहे सवालों के बीच राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड ने बड़ा कदम उठाया है। बोर्ड ने पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए 1.45 लाख अभ्यर्थियों की OMR शीट अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर जारी कर दी है। इसके साथ ही अभ्यर्थियों को एक महीने के भीतर प्रमाण सहित शिकायत दर्ज कराने का मौका दिया गया है।
बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार, भर्ती प्रक्रिया को लेकर कुछ अभ्यर्थियों द्वारा अनियमितताओं के आरोप लगाए जा रहे थे। इन्हीं आरोपों को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया, ताकि अभ्यर्थी अपनी OMR शीट का मिलान कर सकें और यदि किसी तरह की गड़बड़ी हो तो उसका प्रमाण प्रस्तुत कर सकें। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि शिकायत केवल ठोस साक्ष्यों के आधार पर ही स्वीकार की जाएगी।
अधिकारियों ने बताया कि अब तक बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने अपनी OMR शीट देखी है, लेकिन किसी भी अभ्यर्थी की ओर से ठोस सबूत के साथ कोई शिकायत सामने नहीं आई है। बोर्ड का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और नियमों के अनुरूप संपन्न कराई गई है।
बोर्ड ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि यदि उन्हें किसी प्रकार की आपत्ति है तो वे निर्धारित समय सीमा के भीतर आवश्यक दस्तावेजों और प्रमाणों के साथ अपनी शिकायत दर्ज कराएं। निर्धारित अवधि समाप्त होने के बाद प्राप्त शिकायतों पर विचार नहीं किया जाएगा।
गौरतलब है कि चतुर्थ श्रेणी भर्ती परीक्षा राज्य की बड़ी भर्तियों में से एक है, जिसमें लाखों अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया था। इस भर्ती के जरिए विभिन्न सरकारी विभागों में रिक्त पदों को भरा जाना है। ऐसे में परिणाम घोषित होने के बाद कुछ अभ्यर्थियों ने चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे।
बोर्ड का कहना है कि OMR शीट जारी करने का उद्देश्य भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना और अभ्यर्थियों की शंकाओं का समाधान करना है। यदि जांच के दौरान किसी भी स्तर पर अनियमितता पाई जाती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल बोर्ड ने अभ्यर्थियों को एक महीने का समय दिया है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि क्या कोई अभ्यर्थी प्रमाण के साथ शिकायत दर्ज कराता है या नहीं। इसके बाद ही भर्ती प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जाएगा।

