नीट पेपर लीक मामले में CBI की बड़ी कार्रवाई: जयपुर ग्रामीण के जमवारामगढ़ में दिनेश और मांगीलाल के घर व फार्महाउस पर 4 घंटे की छापेमारी
नीट पेपर लीक मामले की जांच अब तेज होती नजर आ रही है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की टीम ने मंगलवार को जयपुर ग्रामीण के जमवारामगढ़ क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपियों दिनेश और मांगीलाल के घर और फार्महाउस पर दबिश दी। इस कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और पूरे मामले ने एक बार फिर सुर्खियां बटोर ली हैं।
सूत्रों के अनुसार, CBI की टीम ने करीब चार घंटे तक दोनों आरोपियों के आवासीय घर और फार्महाउस की गहन तलाशी ली। जांच के दौरान टीम ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों को खंगाला। कार्रवाई के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और किसी भी बाहरी व्यक्ति को परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई।
CBI ने इस कार्रवाई के लिए दो अलग-अलग टीमों का गठन किया था। एक टीम ने घर के अंदर परिजनों से पूछताछ की और परिवार की मां तथा पत्नी के बयान दर्ज किए। साथ ही मोबाइल फोन सहित अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को जब्त कर लिया गया, जिन्हें आगे फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे जाने की संभावना है।
वहीं दूसरी टीम ने घर और फार्महाउस के विभिन्न कमरों की बारीकी से तलाशी ली। इस दौरान दस्तावेजों, रिकॉर्ड्स और अन्य संभावित सबूतों की जांच की गई, ताकि पेपर लीक नेटवर्क से जुड़े किसी भी सुराग को खंगाला जा सके।
सूत्रों का कहना है कि जांच एजेंसियां इस मामले में बड़े स्तर पर फैले नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हैं। CBI को शक है कि यह मामला केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक संगठित गिरोह सक्रिय हो सकता है, जो परीक्षा प्रणाली में सेंध लगाने का काम करता रहा है।
इस कार्रवाई के बाद जमवारामगढ़ क्षेत्र में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। स्थानीय लोगों में भी इस छापेमारी को लेकर उत्सुकता और आशंका दोनों का माहौल देखा गया। वहीं प्रशासनिक स्तर पर मामले की गंभीरता को देखते हुए निगरानी और बढ़ा दी गई है।
CBI अधिकारियों ने फिलहाल इस छापेमारी को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, लेकिन जांच प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ने के संकेत मिले हैं। टीम अब जब्त किए गए मोबाइल डेटा और दस्तावेजों की विस्तृत जांच करेगी।
नीट पेपर लीक मामला पहले से ही देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है और अब CBI की इस कार्रवाई के बाद जांच और अधिक निर्णायक चरण में पहुंचती दिखाई दे रही है।

