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राजस्थान हाईकोर्ट को फिर बम धमकी, एक्सक्लूसिव फुटेज में देंखे सुरक्षा एजेंसियों ने परिसर की गहन तलाशी की

राजस्थान हाईकोर्ट को फिर बम धमकी, एक्सक्लूसिव फुटेज में देंखे सुरक्षा एजेंसियों ने परिसर की गहन तलाशी की

राजस्थान हाईकोर्ट को आज यानी 7 फरवरी को फिर बम से उड़ाने की धमकी मिली। धमकी मिलने के तुरंत बाद हाईकोर्ट प्रशासन ने पुलिस को सूचना दी और कोर्ट परिसर खाली करवा दिया। मौके पर बम निरोधक दस्ता (Bomb Squad) और डॉग स्क्वायड की टीमें भी पहुंची और पूरे परिसर की गहन तलाशी शुरू कर दी। सूत्रों के अनुसार, रजिस्ट्रार को आज सुबह एक मेल प्राप्त हुआ, जिसमें हाईकोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। मेल में दावा किया गया था कि हाईकोर्ट परिसर में तीन शक्तिशाली आरडीएक्स बम लगाए गए हैं। इस खतरे के मद्देनज़र हाईकोर्ट प्रशासन ने तत्काल सभी कोर्ट रूम, जजों के चैम्बर्स और एडवोकेट चैम्बर्स में तलाशी शुरू करवाई।

हाईकोर्ट में सुरक्षा बढ़ा दी गई और परिसर में मौजूद सभी कर्मचारियों, वकीलों और पक्षकारों को सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया। जयपुर पुलिस ने भी तुरंत सभी एंट्री पॉइंट्स पर सतर्कता बढ़ा दी और वाहनों की चेकिंग शुरू कर दी। करीब दो घंटे की गहन तलाशी के बाद पुलिस ने बताया कि किसी भी तरह की संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। इसके बाद कोर्ट प्रशासन ने वकीलों और पक्षकारों के लिए प्रवेश खोल दिया और सुनवाई फिर से शुरू कर दी। पुलिस सूत्रों के अनुसार, जांच अभी जारी है और धमकी देने वाले की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं।

राजस्थान हाईकोर्ट को पहले भी कई बार धमकी मिली है। पिछले साल, हाईकोर्ट को 6 बार बम धमकी भरे मेल प्राप्त हुए थे। दिसंबर माह में तो लगातार 5 दिन तक हाईकोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी भरे ईमेल भेजे गए थे। हालांकि, अब तक पुलिस धमकी देने वाले किसी भी शख्स को पकड़ने में सफल नहीं हो पाई है। सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की धमकियां अदालतों की सुचारू कार्यवाही और न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश होती हैं। इसके चलते हाईकोर्ट प्रशासन ने कोर्ट परिसर में सुरक्षा को और सख्त कर दिया है। प्रमुख जजों और स्टाफ के साथ-साथ वकीलों के लिए भी सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त किया गया है।

जयपुर हाईकोर्ट प्रशासन ने वकीलों और जनता से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। इसके अलावा, पुलिस ने शहर में हाई अलर्ट जारी किया है और आसपास के इलाकों में पैट्रोलिंग बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार मेल और धमकियों का आना चिंता का विषय है। पुलिस की चुनौती है कि ऐसे अपराधियों का पता लगाकर उन्हें समय रहते गिरफ्तार किया जाए, ताकि कोर्ट परिसर और न्यायिक अधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

हाईकोर्ट परिसर में सुरक्षा बढ़ाने के लिए अब सीसीटीवी कैमरों और इलेक्ट्रॉनिक जांच उपकरणों को और अपडेट करने की योजना बनाई जा रही है। जयपुर पुलिस ने कहा कि धमकी देने वाले की पहचान के लिए साइबर ट्रैकिंग, ईमेल आईडी की जांच और डिजिटल फोरेंसिक तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। इस घटना ने एक बार फिर हाईकोर्ट और सुरक्षा एजेंसियों के सामने न्यायिक परिसर की सुरक्षा सुनिश्चित करने की चुनौती को उजागर किया है।

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