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जयपुर मेट्रो स्टेशन और ट्रेन को बम से उड़ाने की धमकी, वीडियो में देखें पुलिस कर रही पुरी लाईन की जांच

जयपुर मेट्रो स्टेशन और ट्रेन को बम से उड़ाने की धमकी, वीडियो में देखें पुलिस कर रही पुरी लाईन की जांच

राजधानी जयपुर में शुक्रवार शाम उस समय हड़कंप मच गया जब जयपुर मेट्रो की आधिकारिक मेल आईडी पर एक ईमेल के जरिए मेट्रो स्टेशन और ट्रेनों को बम से उड़ाने की धमकी दी गई। मेल में "ऑपरेशन सिंदूर" की सफलता का हवाला देते हुए जयपुर मेट्रो को निशाना बनाने की बात कही गई है। इस धमकी के बाद मेट्रो प्रशासन और पुलिस विभाग तत्काल अलर्ट मोड में आ गए और मानसरोवर से बड़ी चौपड़ तक सघन जांच अभियान शुरू कर दिया गया।

ईमेल से फैली सनसनी

शुक्रवार शाम लगभग 5 बजे जयपुर मेट्रो की आधिकारिक मेल आईडी पर एक संदिग्ध मेल प्राप्त हुआ। मेल में स्पष्ट रूप से लिखा गया था कि "ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद अगला निशाना जयपुर मेट्रो है। ट्रेन और स्टेशन दोनों उड़ाए जाएंगे।" इस मेल ने अधिकारियों की नींद उड़ा दी। मेट्रो प्रबंधन ने तुरंत इसकी सूचना जयपुर पुलिस को दी।

सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय

सूचना मिलते ही एंटी-टेरर स्क्वॉड (ATS), बम डिस्पोजल स्क्वॉड (BDS), और स्थानीय पुलिस की टीमों ने जयपुर मेट्रो के सभी स्टेशनों पर सुरक्षा जांच शुरू कर दी। सबसे पहले मेट्रो की अंतिम स्टेशनों — मानसरोवर और बड़ी चौपड़ — पर यात्रियों को उतारकर पूरी ट्रेन और स्टेशन परिसर की गहन तलाशी ली गई। इसके बाद बीच के सभी स्टेशनों पर भी एक-एक कर सघन सर्च ऑपरेशन चलाया गया।

पुलिस आयुक्त आनंद श्रीवास्तव ने बताया, “हमने मेट्रो प्रबंधन से मेल की कॉपी प्राप्त कर ली है और उसकी फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है। प्रथम दृष्टया यह साइबर आतंक की ओर इशारा करता है, लेकिन हम हर एंगल से जांच कर रहे हैं।”

यात्रियों की सुरक्षा के विशेष इंतज़ाम

इस घटना के बाद मेट्रो में चलने वाले सभी ट्रेनों की सुरक्षा व्यवस्था और भी कड़ी कर दी गई है। यात्रियों की नियमित तलाशी, बैग स्कैनिंग और सीसीटीवी निगरानी को दोगुना किया गया है। जयपुर मेट्रो प्रशासन ने भी यात्रियों से संयम बनाए रखने और किसी भी संदिग्ध वस्तु या गतिविधि की जानकारी तुरंत अधिकारियों को देने की अपील की है।

"ऑपरेशन सिंदूर" क्या है?

मेल में जिस "ऑपरेशन सिंदूर" का जिक्र किया गया है, उसके बारे में सुरक्षा एजेंसियों ने फिलहाल कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह कोई कोडवर्ड है या किसी पूर्व आतंकी कार्रवाई की ओर इशारा है। हालांकि, इस नाम को लेकर खुफिया एजेंसियों ने अपने नेटवर्क को एक्टिव कर दिया है।

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