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जयपुर हाईकोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, वीडियो में जाने परिसर में गहन सुरक्षा जांच के बाद सुनवाई फिर से शुरू

जयपुर हाईकोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, वीडियो में जाने परिसर में गहन सुरक्षा जांच के बाद सुनवाई फिर से शुरू

राजस्थान हाईकोर्ट को आज फिर बम से उड़ाने की धमकी मिली है। धमकी मिलने के बाद हाईकोर्ट प्रशासन ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और कोर्ट परिसर खाली करवा दिया। मौके पर बम निरोधक (Bomb Disposal) और डॉग स्क्वायड की टीमें बुलाकर पूरे परिसर की तलाशी ली गई।

सूत्रों के अनुसार, धमकी ईमेल के माध्यम से रजिस्ट्रार को भेजी गई थी। मेल में स्पष्ट रूप से लिखा गया था कि हाईकोर्ट परिसर में तीन शक्तिशाली आरडीएक्स बम प्लांट किए गए हैं। धमकी के कारण आज सुबह जयपुर हाईकोर्ट में होने वाली सुनवाई स्थगित कर दी गई।

पुलिस और सुरक्षा कर्मियों ने कोर्ट रूम, जजों के चेंबर और एडवोकेट चैम्बर्स सहित पूरे परिसर की गहन जांच की। हालांकि तलाशी के दौरान कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली, जिसके बाद वकीलों और पक्षकारों के लिए कोर्ट परिसर में प्रवेश फिर से खोल दिया गया। इसके बाद जयपुर हाईकोर्ट में सुनवाई सामान्य रूप से शुरू कर दी गई।

राजस्थान हाईकोर्ट को बम से धमकी मिलने की यह पहली घटना नहीं है। पिछले साल हाईकोर्ट को छह बार इसी तरह की धमकी मिली थी। दिसंबर में तो लगातार पाँच दिन तक धमकी भरे ईमेल हाईकोर्ट प्रशासन को प्राप्त हुए थे। इन धमकियों ने कोर्ट प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी थी।

हालांकि अब तक पुलिस धमकी देने वाले की पहचान नहीं कर पाई है। जयपुर पुलिस और साइबर सेल इस मामले की जांच कर रही है। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि हाईकोर्ट जैसी संवेदनशील जगहों पर ऐसे ईमेल और धमकी भरे संदेश आम नहीं हैं और इन्हें गंभीरता से लिया जाना चाहिए।

हाईकोर्ट प्रशासन ने कहा कि सभी सुरक्षा उपाय बढ़ा दिए गए हैं और आगे भी परिसर में सुरक्षा के कड़े कदम उठाए जाएंगे। अधिकारियों ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि या व्यक्ति की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

वकीलों और कोर्ट स्टाफ ने भी इस घटना को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि धमकी के कारण कोर्ट में कामकाज प्रभावित हुआ और न्यायिक कार्यों में देरी हुई। इसके बावजूद सुरक्षा बलों की तत्परता और गहन जांच से कोर्ट फिर से सुरक्षित रूप से खुला।

राजस्थान हाईकोर्ट में बार-बार धमकी मिलने के कारण अब प्रशासन ने सिक्योरिटी और साइबर निगरानी को और मजबूत करने की योजना बनाई है। विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे मामलों में न सिर्फ धमकी देने वाले की पहचान करना जरूरी है, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए भी कड़े उपाय किए जाने चाहिए।

जयपुर हाईकोर्ट को मिली यह धमकी राज्य की न्यायिक व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती है। पुलिस और हाईकोर्ट प्रशासन को इस बात का विशेष ध्यान रखना होगा कि न्यायिक कार्यों में कोई बाधा न आए और कोर्ट परिसर पूरी तरह सुरक्षित रहे।

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