बीजेपी विधायक कंवरलाल की विधायकी खत्म, वीडियो में जानें एसडीएम पर तान दी थी पिस्टल
राजस्थान की राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। एसडीएम पर पिस्टल तानने के मामले में तीन साल की सजा पाए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक कंवरलाल मीणा की विधानसभा सदस्यता समाप्त कर दी गई है। अब वे राजस्थान विधानसभा के सदस्य नहीं रहेंगे। उनकी सदस्यता 1 मई 2025 से प्रभावी मानी जाएगी।
स्पीकर ने किया निर्णय, ली गई कानूनी सलाह
मिली जानकारी के अनुसार, यह फैसला विधानसभा अध्यक्ष (स्पीकर) द्वारा लिया गया है। स्पीकर को इस विषय में एडवोकेट जनरल (AG) और सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस करने वाले वरिष्ठ वकीलों से राय ली गई थी। वकीलों का मत था कि चूंकि विधायक को तीन साल की सजा हो चुकी है और सुप्रीम कोर्ट से अब तक कोई राहत नहीं मिली है, ऐसे में सदस्यता समाप्त करना संविधान के अनुरूप होगा। इसी सलाह के आधार पर यह निर्णय लिया गया।
क्या है मामला?
यह मामला वर्ष 2011 का है, जब विधायक कंवरलाल मीणा ने एक सरकारी कार्य के दौरान एसडीएम पर पिस्टल तान दी थी। यह घटना उस समय काफी चर्चा में रही थी और इसकी शिकायत के बाद न्यायिक प्रक्रिया शुरू हुई थी। हाल ही में कोर्ट ने इस मामले में उन्हें तीन साल की सजा सुनाई। यह फैसला न सिर्फ क़ानूनी रूप से अहम रहा, बल्कि राजनीतिक रूप से भी चर्चा में आया।
लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत कार्रवाई
कंवरलाल मीणा की सदस्यता समाप्त करने की कार्रवाई जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के तहत की गई है। इस अधिनियम के तहत अगर किसी जनप्रतिनिधि को दो साल या उससे अधिक की सजा होती है, तो उसकी सदस्यता स्वतः समाप्त मानी जाती है। यही प्रावधान इस मामले में भी लागू हुआ।
राजनीतिक हलचल तेज
इस निर्णय के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल बढ़ गई है। विपक्षी दलों ने स्पीकर के फैसले का स्वागत किया है और कहा है कि कानून सबके लिए समान होना चाहिए। वहीं, भाजपा की ओर से अभी तक इस विषय पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

