राजस्थान अंडर-14 क्रिकेट टीम में बड़ा फर्जीवाड़ा, वीडियो में देखें बिना चयन के दो खिलाड़ी पहुंचे सेंट्रल जोन टूर्नामेंट
राजस्थान क्रिकेट में एक बार फिर चयन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। राजस्थान की अंडर-14 क्रिकेट टीम में दो ऐसे खिलाड़ियों के शामिल होने का मामला सामने आया है, जिनका चयन आधिकारिक चयन समिति ने किया ही नहीं था। हैरानी की बात यह है कि ये दोनों खिलाड़ी सीधे सेंट्रल जोन अंडर-14 टूर्नामेंट में टीम के साथ पहुंच गए, जबकि उन्होंने न तो जिला स्तर पर और न ही चैलेंजर ट्रॉफी जैसे किसी भी चयनात्मक टूर्नामेंट में हिस्सा लिया था।
मामला सामने आने के बाद राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) में हड़कंप मच गया है। जानकारी के अनुसार ये दोनों खिलाड़ी टीम के साथ पूरे अधिकारों के साथ मौजूद थे। उन्होंने न सिर्फ RCA की आधिकारिक ड्रेस और किट पहनी हुई थी, बल्कि टीम के वॉर्मअप सेशन में भी हिस्सा लिया। इसके अलावा वे अन्य चयनित खिलाड़ियों के साथ ड्रेसिंग रूम और डगआउट भी साझा करते नजर आए। इससे यह स्पष्ट होता है कि उन्हें टीम का हिस्सा मानकर ही सभी सुविधाएं दी जा रही थीं।
सूत्रों के मुताबिक जब सेंट्रल जोन टूर्नामेंट के दौरान टीम लिस्ट और चयन रिकॉर्ड का मिलान किया गया, तब इस गड़बड़ी का खुलासा हुआ। चयन सूची में इन दोनों खिलाड़ियों के नाम नहीं पाए गए। इसके बाद मामला RCA के वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचा। प्राथमिक जांच में यह बात सामने आई कि दोनों खिलाड़ियों ने किसी भी आधिकारिक ट्रायल या चयन प्रक्रिया में भाग नहीं लिया था।
इस गंभीर अनियमितता को देखते हुए RCA की एडहॉक कमेटी ने तत्काल कार्रवाई करते हुए राजस्थान अंडर-14 टीम के हेड कोच अजहरुद्दीन को सस्पेंड कर दिया है। कमेटी का मानना है कि टीम मैनेजमेंट की जानकारी और भूमिका के बिना इस तरह का मामला संभव नहीं है। इसलिए जांच पूरी होने तक हेड कोच को निलंबित किया गया है।
RCA एडहॉक कमेटी ने पूरे मामले की विस्तृत जांच के आदेश दे दिए हैं। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि दोनों खिलाड़ी टीम में कैसे शामिल हुए, किसके निर्देश पर उन्हें ड्रेस, किट और अन्य सुविधाएं दी गईं और क्या इसके पीछे किसी तरह का दबाव या सिफारिश काम कर रही थी। साथ ही यह भी जांच की जाएगी कि टीम मैनेजर, सपोर्ट स्टाफ या अन्य अधिकारियों की इसमें क्या भूमिका रही।
क्रिकेट जानकारों का कहना है कि यह मामला बेहद गंभीर है, क्योंकि अंडर-14 स्तर पर खिलाड़ी भविष्य की नींव रखते हैं। यदि इस स्तर पर चयन प्रक्रिया में गड़बड़ी होती है, तो इससे मेहनती और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के साथ अन्याय होता है। ऐसे मामलों से राज्य क्रिकेट की साख को भी नुकसान पहुंचता है।
उधर, इस पूरे घटनाक्रम के बाद अभिभावकों और क्रिकेट से जुड़े लोगों में भी नाराजगी देखने को मिल रही है। उनका कहना है कि चयन प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाना चाहिए, ताकि किसी भी स्तर पर इस तरह की अनियमितता दोबारा न हो।
फिलहाल RCA की जांच जारी है और एडहॉक कमेटी ने साफ संकेत दिए हैं कि यदि जांच में किसी अन्य अधिकारी या कर्मचारी की संलिप्तता पाई जाती है, तो उसके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि जांच के बाद इस फर्जीवाड़े में शामिल असली जिम्मेदार कौन निकलते हैं।

