राजस्थान में बड़ा फर्जीवाड़ा, दिव्यांग आरक्षण कोटे से नौकरी पाने का खुलासा, वीडियो में देंखे SOG ने दर्ज की FIR
राजस्थान में सरकारी भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है, जहां दिव्यांग आरक्षण कोटे का दुरुपयोग कर कई उम्मीदवारों द्वारा सरकारी नौकरियां हासिल करने का मामला उजागर हुआ है। इस मामले में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने गुरुवार को FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जांच के अनुसार, कुल 44 कैंडिडेट ऐसे पाए गए हैं जिन्होंने फर्जी दिव्यांग प्रमाण-पत्रों के आधार पर विभिन्न सरकारी भर्तियों में चयन हासिल किया था। इनमें से कई लोग वर्तमान में शिक्षक और अन्य सरकारी विभागों में कार्यरत बताए जा रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक, यह खुलासा तब हुआ जब दिव्यांग आरक्षण के तहत नौकरी पाने वाले उम्मीदवारों को दोबारा मेडिकल जांच के लिए बुलाया गया। इस पुनः जांच में कई उम्मीदवारों की वास्तविक दिव्यांगता 40 प्रतिशत से कम पाई गई, जिसके चलते वे दिव्यांग कोटे के लिए अयोग्य घोषित कर दिए गए।
FIR में आरोप लगाया गया है कि इस पूरे फर्जीवाड़े में कुछ मेडिकल पेशेवरों की मिलीभगत भी सामने आई है, जिनकी मदद से फर्जी दिव्यांग प्रमाण-पत्र तैयार किए गए। इन दस्तावेजों में डिजिटल आईडी का उपयोग कर रिकॉर्ड में हेरफेर किया गया, ताकि उन्हें आधिकारिक रूप से वैध दिखाया जा सके।
जांच एजेंसियों का कहना है कि इस गड़बड़ी के कारण वास्तविक पात्र दिव्यांग उम्मीदवारों को चयन प्रक्रिया से बाहर रहना पड़ा, जिससे उनके अधिकारों का गंभीर उल्लंघन हुआ है।
स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल थे और फर्जी दस्तावेज बनाने की प्रक्रिया किस स्तर पर संचालित की जा रही थी। इसके साथ ही संबंधित विभागों से भी रिकॉर्ड मांगा गया है।
अधिकारियों के अनुसार, यह मामला केवल भर्ती घोटाले तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें सिस्टम के दुरुपयोग और प्रमाण-पत्र सत्यापन प्रक्रिया में गंभीर खामियों की ओर भी इशारा करता है।
फिलहाल, मामले की जांच तेज कर दी गई है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियों की संभावना जताई जा रही है। सरकार ने भी इस मामले को गंभीरता से लेते हुए विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।

