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भजनलाल सरकार का बड़ा फैसला: पेंशनर्स को राहत, वीडियो में जाने राजस्थान में लगेंगे 500 से ज्यादा EV चार्जिंग स्टेशन

भजनलाल सरकार का बड़ा फैसला: पेंशनर्स को राहत, वीडियो में जाने राजस्थान में लगेंगे 500 से ज्यादा EV चार्जिंग स्टेशन

Bhajan Lal Sharma की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई राजस्थान कैबिनेट और मंत्रिपरिषद की बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी गई। बैठक में पेंशनर्स, दिव्यांग बच्चों और राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने से जुड़े बड़े निर्णय लिए गए। साथ ही राजस्थान की नई इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट पॉलिसी को भी मंजूरी दे दी गई।कैबिनेट ने सबसे बड़ी राहत पेंशनर्स को दी है। अब पेंशनधारकों को जीवित प्रमाण पत्र देने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। पेंशनर्स मोबाइल एप के जरिए फेस रिकग्नाइजेशन तकनीक का इस्तेमाल कर घर बैठे ही अपना जीवित प्रमाण पत्र जमा कर सकेंगे। सरकार का कहना है कि इससे बुजुर्गों को बड़ी सुविधा मिलेगी और प्रक्रिया पहले से अधिक आसान और डिजिटल बनेगी।

इसके अलावा दिव्यांग बच्चों के परिवारों को भी राहत दी गई है। अब पेंशन के लिए दिव्यांगता प्रमाण पत्र बार-बार जमा कराने की जरूरत नहीं होगी। कैबिनेट ने फैसला लिया है कि दिव्यांग बच्चों को पेंशन के लिए केवल एक बार ही सर्टिफिकेट देना होगा। इस निर्णय से हजारों परिवारों को प्रशासनिक परेशानियों से राहत मिलने की उम्मीद है।बैठक में राज्य में पेट्रोल और डीजल की खपत कम करने तथा इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने पर भी चर्चा हुई। सरकार ने फैसला किया है कि राजस्थान में 262 स्थानों पर 500 से ज्यादा ईवी चार्जिंग स्टेशन लगाए जाएंगे। माना जा रहा है कि इससे राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ावा मिलेगा और लोगों को चार्जिंग सुविधा आसानी से उपलब्ध हो सकेगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि राजस्थान में तेजी से बढ़ रहे इलेक्ट्रिक वाहन बाजार को देखते हुए यह फैसला काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे न केवल प्रदूषण कम करने में मदद मिलेगी, बल्कि ईंधन पर होने वाला खर्च भी घट सकता है।बैठक में राज्य की नई इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट पॉलिसी को भी मंजूरी दी गई। इस बारे में जानकारी देते हुए Rajyavardhan Singh Rathore ने कहा कि नई औद्योगिक विकास नीति राज्य में निवेश बढ़ाने, रोजगार के अवसर पैदा करने और उद्योगों को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से तैयार की गई है।

सरकार का दावा है कि नई नीति से राजस्थान में बड़े निवेश आकर्षित होंगे और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। साथ ही औद्योगिक क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और नई तकनीकों को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया जाएगा।राजनीतिक और आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि कैबिनेट के ये फैसले राज्य में डिजिटल सेवाओं, हरित ऊर्जा और औद्योगिक विकास को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माने जा सकते हैं। फिलहाल पेंशनर्स को मिली राहत, ईवी चार्जिंग स्टेशनों की योजना और नई इंडस्ट्रियल पॉलिसी को लेकर प्रदेशभर में चर्चा तेज हो गई है।

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