अनाथ दुल्हन की शादी में सेना के जवान बने सहारा, वीडियो में देंखे कन्यादान कर निभाई इंसानियत की मिसाल
राजस्थान के जयपुर जिले के खेजरोली में सोमवार को एक भावुक और प्रेरणादायक विवाह समारोह देखने को मिला, जहां भारतीय सेना के जवानों ने एक अनाथ दुल्हन की शादी में शामिल होकर न सिर्फ रस्में निभाईं, बल्कि कन्यादान कर मानवता की अनोखी मिसाल पेश की।
यह कहानी है दुल्हन सीमा सामोता की, जिनका जीवन संघर्षों से भरा रहा। सीमा के जीवन में बचपन से ही दुखों का सिलसिला शुरू हो गया था। जन्म के मात्र 6 दिन बाद उनकी मां का निधन हो गया था। इसके बाद 6 साल की उम्र में उनके सैनिक पिता का भी बीमारी के कारण निधन हो गया, जिससे वे पूरी तरह अनाथ हो गईं।
करीब दो दशक बाद सीमा की शादी का अवसर आया, तो इस खास मौके को यादगार बनाने के लिए उनके पिता के साथ सेवा कर चुके सेना के जवान खुद आगे आए। समारोह में पहुंचे जवानों की मौजूदगी ने पूरे माहौल को भावुक बना दिया।
दुल्हन के चाचा जयपाल सामोता के अनुसार, सीमा की शादी गोविंदगढ़ के सरगोठ गांव निवासी ताराचंद जाट के साथ हुई। इस विवाह में 3 जाट, 4 जाट और 24 जाट रेजिमेंट के करीब 25 जवान शामिल हुए। जवानों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ सभी रस्में निभाईं और पूरे परिवार के साथ खड़े नजर आए।
सबसे भावुक क्षण वह था जब सेना के जवानों ने कन्यादान की जिम्मेदारी निभाई। उन्होंने न सिर्फ यह रस्म पूरी की, बल्कि दुल्हन को 1 लाख 31 हजार रुपये, कपड़े और घरेलू सामान भी भेंट किया, जिससे उसके नए जीवन की शुरुआत सम्मान और सहयोग के साथ हो सके।
जवानों ने दुल्हन को चारों ओर से चूंदड़ी की छाया में स्टेज तक पहुंचाया, जिससे पूरा विवाह स्थल भावनाओं से भर गया। इस दृश्य को देखकर वहां मौजूद कई लोगों की आंखें नम हो गईं।
इस विवाह समारोह ने यह साबित कर दिया कि सेना केवल देश की सीमाओं की रक्षा ही नहीं करती, बल्कि समाज के हर दुख-दर्द में भी परिवार की तरह साथ खड़ी रहती है। यह घटना मानवता, संवेदनशीलता और सैनिकों के जज्बे की एक प्रेरणादायक मिसाल बन गई है।

