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राजस्थान में लत काम कर रहे जेल कर्मचारियों पर शुरू हुआ एक्शन, वायरल वीडियो में देखे सामान पहुंचाने वालों पर भी हुई कार्यवाही 

राजस्थान की जेलों में गलत काम कर रहे जेल कर्मियों के खिलाफ एक्शन शुरू हो गया है। एक तरफ सीएम और डिप्टी सीएम को धमकी मिलने के मामले में जुड़े जेल कर्मियों को निलंबित किया गया है, वहीं जेल प्रहरी भर्ती 2018 में पेपर पढ़कर नौकरी पर लगे लोगों को बर्खास्त कर दिया गया है। इसी के साथ जेलों में बंद कैदियों तक मोबाइल, सिम, तंबाकू सहित अन्य उपकरण पहुंचाने वालों पुलिस वालों पर भी एक्शन होना शुरू हो चुका है।
 

राजस्थान की जेलों में गड़बड़ी करने वाले जेलकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू हो गई है। एक तरफ सीएम और डिप्टी सीएम को धमकी देने के मामले में शामिल जेलकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है। वहीं, दूसरी तरफ जेल प्रहरी भर्ती 2018 में पेपर पढ़कर नौकरी पाने वालों को बर्खास्त कर दिया गया है। डीजी जेल गोविंद गुप्ता ने बताया- जेलों में बंदियों को मोबाइल, सिम, तंबाकू समेत अन्य उपकरण सप्लाई करने वालों के खिलाफ कार्रवाई शुरू हो गई है। साथ ही सभी जेल अधीक्षकों को जेल में निगरानी बढ़ाने और सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने के निर्देश दिए गए हैं। जेल प्रहरी भर्ती 2018 में लीक पेपर पढ़कर नौकरी पाने वाले तीन जेल प्रहरियों को बर्खास्त कर दिया गया है। एसओजी में दर्ज मामले में कोटपूतली जेल प्रहरी योगेश कुमार, दौसा जेल प्रहरी हरेंद्र सिंह और बहरोड़ जेल प्रहरी दीपक मेहता की भूमिका संदिग्ध पाई गई थी। एसओजी ने तीनों को गिरफ्तार किया था। एसओजी की रिपोर्ट के आधार पर तीनों को पहले ही सस्पेंड किया जा चुका था। जेल डीआईजी मोनिका अग्रवाल ने बताया- इस मामले में झुंझुनूं जिला जेल के अधीक्षक ने योगेश कुमार, हरेंद्र सिंह और दीपक मेहता के खिलाफ विभागीय जांच कराई थी। इसी आधार पर जेल आईजी ने तीनों को सेवा से बर्खास्त कर दिया।

दौसा की श्यालावास जेल में पुरुष नर्स सिम ले जाते पकड़ा गया
डीआईजी मोनिका अग्रवाल ने बताया- दौसा की श्यालावास जेल में तैनात क्वार्टर गार्ड आनंद भाटी ने तलाशी के दौरान पुरुष नर्स ग्रेड सेकंड राजकुमार शर्मा की जेब से सिम कार्ड बरामद किया। इसके बाद श्यालावास जेल प्रशासन ने दौसा के पापड़ा थाने में राजकुमार के खिलाफ मामला दर्ज कराया। इस पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। जेल विभाग ने आनंद भाटी को सम्मानित करने की घोषणा की है। वहीं, पुरुष नर्स के संबंध में चिकित्सा विभाग को लिखित पत्र जारी किया गया है।

बंदियों को मादक पदार्थ उपलब्ध कराने के आरोप में 2 जेल कार्मिक बर्खास्त, 1 निलंबित
डीआईजी जेल मोनिका अग्रवाल ने बताया- बर्खास्त जेल कार्मिकों में उदयपुर सेंट्रल जेल के गार्ड भजनलाल और जयपुर सेंट्रल जेल के गार्ड संजय कुमार शामिल हैं। वहीं, जोधपुर सेंट्रल जेल के प्रहरी राजेश बिश्नोई को निलंबित कर दिया गया है। जेल से मुख्यमंत्री को धमकी मिलने और कैदियों के पास प्रतिबंधित सामग्री मिलने की घटनाओं के बाद जेल विभाग ने कड़ी निगरानी शुरू कर दी थी। इस अभियान के तहत सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, जिसमें इन जेलकर्मियों की संलिप्तता सामने आई। साक्ष्य मिलने पर दो जेलकर्मियों की सेवा समाप्त कर दी गई, जबकि एक को निलंबित कर दिया गया।

1. 30 अगस्त 2024 को जयपुर सेंट्रल जेल की पिछली दीवार के पास तीन पैकेट में 22 मोबाइल फेंके गए थे। इस मामले में प्रहरी संजय कुमार को गिरफ्तार किया गया। गहन पूछताछ के बाद कई जानकारियां सामने आईं, जिस पर यह तय हुआ कि जेल विभाग की मिलीभगत से जेल में अवैध काम होता है। इस पर तुरंत कार्रवाई करते हुए संजय कुमार को रविवार को बर्खास्त कर दिया गया।

2. 31 मार्च 2024 को जोधपुर सेंट्रल जेल से 16 मोबाइल बरामद हुए थे। जांच के बाद प्रहरी राजेश बिश्नोई को निलंबित कर दिया गया। मोबाइल जेल में जाने में राजेश की भूमिका संदिग्ध पाई गई और इसकी जांच की जा रही है। जांच में इसकी पुष्टि होने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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