जयपुर में भगवान अग्रसेन की 5150वीं जयंती पर निकली भव्य शोभायात्रा, वीडियो में जाने 7 रथों पर सजीं आकर्षक झांकियां
भगवान अग्रसेन की 5150वीं जयंती के अवसर पर रविवार शाम जयपुर में भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में भगवान की आकर्षक झांकियां सजाई गईं और शहर के प्रमुख बाजारों से होते हुए यात्रा अग्रवाल कॉलेज पहुंची। इस दौरान श्रद्धालुओं में उत्साह देखने को मिला। शोभायात्रा के स्वागत के लिए मार्ग में 25 स्थानों पर स्वागत मंच बनाए गए। आयोजन के दौरान जगह-जगह पुष्प वर्षा की भी व्यवस्था की गई। शोभायात्रा रविवार शाम चांदपोल स्थित अग्रवाल सेवा सदन से रवाना हुई। इसके बाद यह चांदपोल बाजार, छोटी चौपड़, त्रिपोलिया बाजार, बड़ी चौपड़, जौहरी बाजार और सांगानेरी गेट से होते हुए अग्रवाल कॉलेज पहुंची। यात्रा के मार्ग को लेकर आयोजन समिति की ओर से विशेष तैयारियां की गई थीं।
सात रथों पर सजाई गईं भगवान की झांकियां
शोभायात्रा का प्रमुख आकर्षण सात रथों पर सजाई गईं भगवान की झांकियां रहीं। इन झांकियों के माध्यम से धार्मिक और सांस्कृतिक संदेश प्रस्तुत किए गए। शोभायात्रा के दौरान शहर के प्रमुख बाजारों में आयोजन को लेकर खास माहौल रहा।श्री अग्रवाल समाज समिति के अध्यक्ष ओपी अग्रवाल ने बताया कि जयपुर में भगवान अग्रसेन की शोभायात्रा वर्ष 1948 से हर साल निकाली जा रही है। यह आयोजन लंबे समय से समाज की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा का हिस्सा बना हुआ है। हर साल समाज के लोग इसमें भाग लेकर भगवान अग्रसेन के प्रति अपनी आस्था व्यक्त करते हैं।
25 जगहों पर स्वागत मंच, पुष्प वर्षा की व्यवस्था
आयोजन समिति की ओर से इस बार शोभायात्रा के मार्ग में 25 स्थानों पर स्वागत मंच बनाए गए। इन मंचों के जरिए शोभायात्रा का स्वागत किया गया। समिति की ओर से मार्ग में जगह-जगह पुष्प वर्षा की व्यवस्था भी की गई थी।शोभायात्रा के आयोजन को लेकर बाजारों में तैयारियां की गईं। प्रमुख मार्गों से गुजरने के कारण यातायात व्यवस्था में भी बदलाव किया गया, ताकि यात्रा के दौरान लोगों की आवाजाही और सुरक्षा का ध्यान रखा जा सके।
यातायात व्यवस्था में किया गया बदलाव
शोभायात्रा को देखते हुए इसके मार्ग पर दोपहर 3 बजे से वाहनों की पार्किंग बंद रखी गई। चांदपोल बाजार, छोटी चौपड़, त्रिपोलिया बाजार, बड़ी चौपड़, जौहरी बाजार और सांगानेरी गेट से जुड़े मार्गों पर यातायात को व्यवस्थित करने के लिए विशेष इंतजाम किए गए।इन रास्तों से गुजरने वाली मिनी बसों और सिटी बसों को भी जरूरत के अनुसार दूसरे मार्गों से निकाला गया। इससे शोभायात्रा के दौरान प्रमुख बाजारों में यातायात का दबाव नियंत्रित रखने की कोशिश की गई।भगवान अग्रसेन की जयंती पर आयोजित यह शोभायात्रा जयपुर की धार्मिक और सामाजिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा रही। सात रथों पर सजी झांकियों, स्वागत मंचों और पुष्प वर्षा की व्यवस्था के बीच आयोजन ने शहर में उत्सव का माहौल बनाया।

