Samachar Nama
×

जयपुर के एसएमएस अस्पताल में सर्जरी के दौरान शॉर्ट सर्किट, 7 वर्षीय बच्चा झुलसा; इमरजेंसी ब्लॉक के पास भी लगी आग

जयपुर के एसएमएस अस्पताल में सर्जरी के दौरान शॉर्ट सर्किट, 7 वर्षीय बच्चा झुलसा; इमरजेंसी ब्लॉक के पास भी लगी आग

राजधानी जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल (एसएमएस अस्पताल) में गुरुवार को एक गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया, जहां सर्जरी के दौरान मशीन में शॉर्ट सर्किट होने से सात वर्षीय बच्चा झुलस गया। घटना के बाद अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि डॉक्टरों ने तुरंत ऑपरेशन रोक दिया, जिससे बच्चे को बड़ा नुकसान होने से बचा लिया गया और उसकी हालत फिलहाल सुरक्षित बताई जा रही है।

जानकारी के अनुसार, बच्चे की एसएमएस अस्पताल में सर्जरी की जा रही थी। इसी दौरान ऑपरेशन थिएटर में उपयोग हो रही एक मशीन में अचानक शॉर्ट सर्किट हो गया। शॉर्ट सर्किट होते ही मशीन से चिंगारी निकली और बच्चा उसकी चपेट में आकर झुलस गया। घटना के तुरंत बाद वहां मौजूद डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ ने स्थिति को संभाला और ऑपरेशन प्रक्रिया को रोक दिया।

अस्पताल प्रशासन ने बच्चे को तुरंत प्राथमिक उपचार दिया और उसकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। डॉक्टरों के अनुसार, बच्चा अब खतरे से बाहर है और उसकी हालत स्थिर बनी हुई है।

इस गंभीर घटना को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने जांच के आदेश दे दिए हैं। पूरे मामले की जांच के लिए एक कमेटी गठित की गई है, जो यह पता लगाएगी कि ऑपरेशन के दौरान मशीन में शॉर्ट सर्किट कैसे हुआ और इसमें किस स्तर पर लापरवाही हुई। जांच रिपोर्ट के आधार पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।

वहीं इसी दिन अस्पताल परिसर में एक और घटना सामने आई, जिससे अफरा-तफरी का माहौल बन गया। मेडिकल इमरजेंसी ब्लॉक के पास स्थित मां योजना काउंटर के चैंबर में अचानक आग लग गई। आग लगते ही वहां मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया और तुरंत फायर सेफ्टी टीम को सूचना दी गई।

अस्पताल स्टाफ और फायर टीम की तत्परता से आग पर जल्द ही काबू पा लिया गया। गनीमत यह रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है, हालांकि इसकी भी विस्तृत जांच की जा रही है।

लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था और उपकरणों की मेंटेनेंस पर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों और आम लोगों ने अस्पताल प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

फिलहाल दोनों ही मामलों की जांच जारी है और अस्पताल प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि मरीजों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

राजधानी जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल (एसएमएस अस्पताल) में गुरुवार को एक गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया, जहां सर्जरी के दौरान मशीन में शॉर्ट सर्किट होने से सात वर्षीय बच्चा झुलस गया। घटना के बाद अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि डॉक्टरों ने तुरंत ऑपरेशन रोक दिया, जिससे बच्चे को बड़ा नुकसान होने से बचा लिया गया और उसकी हालत फिलहाल सुरक्षित बताई जा रही है।

जानकारी के अनुसार, बच्चे की एसएमएस अस्पताल में सर्जरी की जा रही थी। इसी दौरान ऑपरेशन थिएटर में उपयोग हो रही एक मशीन में अचानक शॉर्ट सर्किट हो गया। शॉर्ट सर्किट होते ही मशीन से चिंगारी निकली और बच्चा उसकी चपेट में आकर झुलस गया। घटना के तुरंत बाद वहां मौजूद डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ ने स्थिति को संभाला और ऑपरेशन प्रक्रिया को रोक दिया।

अस्पताल प्रशासन ने बच्चे को तुरंत प्राथमिक उपचार दिया और उसकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। डॉक्टरों के अनुसार, बच्चा अब खतरे से बाहर है और उसकी हालत स्थिर बनी हुई है।

इस गंभीर घटना को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने जांच के आदेश दे दिए हैं। पूरे मामले की जांच के लिए एक कमेटी गठित की गई है, जो यह पता लगाएगी कि ऑपरेशन के दौरान मशीन में शॉर्ट सर्किट कैसे हुआ और इसमें किस स्तर पर लापरवाही हुई। जांच रिपोर्ट के आधार पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।

वहीं इसी दिन अस्पताल परिसर में एक और घटना सामने आई, जिससे अफरा-तफरी का माहौल बन गया। मेडिकल इमरजेंसी ब्लॉक के पास स्थित मां योजना काउंटर के चैंबर में अचानक आग लग गई। आग लगते ही वहां मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया और तुरंत फायर सेफ्टी टीम को सूचना दी गई।

अस्पताल स्टाफ और फायर टीम की तत्परता से आग पर जल्द ही काबू पा लिया गया। गनीमत यह रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है, हालांकि इसकी भी विस्तृत जांच की जा रही है।

लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था और उपकरणों की मेंटेनेंस पर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों और आम लोगों ने अस्पताल प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

फिलहाल दोनों ही मामलों की जांच जारी है और अस्पताल प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि मरीजों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

Share this story

Tags