बैक्टीरियल इन्फेक्शन में 60-80% दवाएं हो रही बेअसर, वीडियो में देखें एसएमएस मेडिकल कॉलेज में खुलासा, मामूली चोट भी खतरनाक
डायबिटीज के मरीज के पैर में चोट लगने के बाद एंटीबायोटिक दवा लेने के बावजूद हालत बिगड़ गई और उन्हें हॉस्पिटल में भर्ती कराना पड़ा। जांच में पता चला कि मरीज सेप्टी सिमिया में चला गया, यानी शरीर में संक्रमण फैल गया था। डॉक्टरों ने बताया कि मरीज की बॉडी में एंटीबायोटिक का असर कम था, जिससे दवा काम नहीं कर पाई।
एसएमएस मेडिकल कॉलेज के हालिया अध्ययन में यह खुलासा हुआ है कि बैक्टीरियल इन्फेक्शन के मामलों में 60 से 80 फीसदी एंटीबायोटिक दवाएं बेअसर हो रही हैं। डॉक्टरों का कहना है कि इसका प्रमुख कारण लोगों द्वारा बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक का जरूरत से ज्यादा और गलत इस्तेमाल करना है।
विशेषज्ञों के अनुसार, एंटीबायोटिक दवाओं का अनुचित उपयोग माइक्रोबियल रेजिस्टेंस को बढ़ावा देता है, जिससे पहले सामान्य और सस्ती दवाएं भी काम नहीं करतीं। इसके चलते चोट या संक्रमण मामूली होने पर भी गंभीर स्थिति बन सकती है, जैसे कि सेप्टी सिमिया, अंग की स्थायी क्षति या जीवन के लिए खतरा।
डॉक्टरों ने लोगों को चेतावनी दी है कि किसी भी तरह की एंटीबायोटिक दवा का सेवन सिर्फ डॉक्टर की सलाह से ही करें। दवा का समय, मात्रा और अवधि सही तरीके से पूरी करना बेहद जरूरी है। साथ ही, संक्रमण की शुरुआती स्थिति में ही चिकित्सीय मदद लेना जीवन और अंग की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।
एसएमएस मेडिकल कॉलेज के अधिकारी ने बताया कि वर्तमान में एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस बढ़ने की वजह से नई दवाओं और उपचार पद्धतियों पर शोध तेज किया जा रहा है। लेकिन इसका सबसे प्रभावी समाधान है लोगों की जागरूकता और एंटीबायोटिक का सही उपयोग।

