जयपुर में मस्जिद की दीवार गिरने से 19 लोग मलबे में दबे, वीडियो में देंखे बचाव कार्य जारी
जयपुर में शुक्रवार दोपहर भट्टा बस्ती थाना क्षेत्र की फिरदौस मस्जिद में एक भयावह हादसा हुआ। मस्जिद की दीवार नमाज के दौरान अचानक गिर गई, जिससे कम से कम 19 लोग मलबे में दब गए। घटना के समय मस्जिद में लगभग 1000 लोग मौजूद थे। सूचना मिलने पर पुलिस तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और स्थानीय लोगों के साथ मिलकर बचाव कार्य शुरू किया। पुलिस और स्थानीय लोगों ने मिलकर सभी 19 लोगों को मलबे से बाहर निकाला और घायलों को कांवटिया अस्पताल में भर्ती कराया गया।
घायलों में से 11 लोगों की स्थिति गंभीर बताई जा रही है, जिन्हें SMS अस्पताल रेफर किया गया। इनमें रुस्तम, ईशान, खुर्शीद, सुहैल, इमाम जफर, इकबाल और अन्य 5 लोग शामिल हैं। अस्पताल सूत्रों के अनुसार सभी गंभीर घायलों का इलाज किया जा रहा है और उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है। हादसे के समय घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल था। मस्जिद में नमाज पढ़ रहे लोगों ने अचानक दीवार गिरने की आवाज सुनी और तुरंत भागकर खुद को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। कई लोग घायल हुए और कुछ लोग मलबे में दब गए।
घायलों में से नीपेंच निवासी एक कन्या ने बताया कि वह मस्जिद के बाहर बैठी थी। उन्होंने कहा, “मैं मस्जिद के बाहर बैठी थी। अंदर बड़ी संख्या में लोग नमाज पढ़ रहे थे, तभी अचानक ऊपर से दीवार गिर गई। हादसे में मेरी पीठ और कमर में चोट आई है। मुझे तुरंत अस्पताल ले जाया गया।” पुलिस और प्रशासन ने घटनास्थल पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। स्थानीय अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और मलबे के निरीक्षण के बाद दीवार गिरने के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार दीवार की उम्र और कमजोर निर्माण के कारण यह हादसा हुआ।
स्थानीय लोग और घायलों के परिजन प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि मस्जिदों और सार्वजनिक स्थलों की सुरक्षा पर ध्यान दिया जाए, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों से बचा जा सके। हादसे के बाद जयपुर में प्रशासन ने सभी मस्जिदों को निर्देश दिया है कि वे अपने भवनों की संरचनात्मक स्थिति का निरीक्षण कराएं। साथ ही, आवश्यक मरम्मत और सुरक्षा उपाय तुरंत करें। घटना ने पूरे इलाके में चिंता और भय पैदा कर दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि सार्वजनिक स्थलों में नियमित निरीक्षण और सुरक्षित निर्माण नीतियों का पालन करने से ऐसे हादसों को रोका जा सकता है। जयपुर पुलिस और प्रशासन घायलों के इलाज और राहत कार्य में पूरी तरह सक्रिय हैं। स्थानीय समुदाय भी पुलिस और बचाव दल के साथ मिलकर राहत कार्य में सहयोग कर रहा है। इस तरह की घटनाएं यह याद दिलाती हैं कि बड़े सार्वजनिक और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा और संरचनात्मक मजबूती पर हमेशा ध्यान देना आवश्यक है।

