भारत द्वारा पाकिस्तान पर की गई एयर स्ट्राइक के बाद राजस्थान के सभी बॉर्डर इलाकों में सुरक्षा को लेकर हाई अलर्ट जारी किया गया है। इस अलर्ट का असर राजधानी जयपुर में भी देखने को मिला, जहां सुरक्षा उपायों को और मजबूत किया गया है। इसके तहत, जयपुर शहर के प्रमुख क्षेत्रों जैसे छोटी और बड़ी चौपड़, मालवीय नगर, मानसरोवर सहित अन्य हिस्सों में बुधवार रात को ब्लैकआउट का अभ्यास किया गया।
यह अभ्यास रात साढ़े 8 बजे से लेकर पौने 9 बजे तक निर्धारित समय पर किया गया, ताकि किसी आपातकालीन स्थिति में शहर के नागरिकों और सुरक्षा बलों को किसी भी प्रकार की चुनौती का सामना न करना पड़े। इस अभ्यास में शहर के प्रमुख इलाकों की रोशनी को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया, जिससे सुरक्षा बलों और प्रशासन की तत्परता का परीक्षण किया गया।
ब्लैकआउट अभ्यास का उद्देश्य संभावित युद्ध या किसी आकस्मिक स्थिति में नागरिकों और सुरक्षा बलों को सुरक्षा सुनिश्चित करना था। इस दौरान, अधिकारियों ने यह सुनिश्चित किया कि लोग सावधानीपूर्वक अपने घरों में रहें और अनावश्यक बाहर न निकलें। साथ ही, सुरक्षा एजेंसियों को यह सुनिश्चित करने का अवसर मिला कि वे किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए तैयार हैं।
राजस्थान के बॉर्डर इलाकों में हाई अलर्ट जारी होने के बाद, पुलिस और सेना के जवानों ने सुरक्षा बढ़ा दी है। ये क्षेत्रों अब सैन्य और पुलिस चौकसी में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। इसके अलावा, अधिकारियों ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत अधिकारियों को दें और सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।
राज्य के सभी प्रमुख शहरों और बॉर्डर इलाकों में एहतियातन अतिरिक्त गश्त और निगरानी की जा रही है। जयपुर में ब्लैकआउट का अभ्यास इस बात का संकेत है कि राजस्थान प्रशासन हर प्रकार की सुरक्षा चुनौती के लिए तैयार है।
हालांकि, यह एक अभ्यास था, लेकिन इसके जरिए सुरक्षा बलों ने संभावित आपात स्थिति में त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया देने के लिए अपनी तैयारियों का आकलन किया। राजस्थान में इस तरह के अभ्यास से न केवल सुरक्षा बलों की कार्यक्षमता में वृद्धि होती है, बल्कि नागरिकों को भी सुरक्षा की भावना प्राप्त होती है कि उनकी सुरक्षा के लिए प्रशासन हर संभव कदम उठा रहा है।

