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Indore बड़े सप्लायर चेन सिस्टम में कर रहे ड्रग्स सप्लाई, इनको पकड़ने में पुलिस भी नाकाम, राजस्थान के बाद मणिपुर से नशा लाकर बेच रहे युवाओं को
 

 ब्राजील के तीन राज्यों में ड्रग गिरोहों को निशाना बनाकर की गई पुलिस छापेमारी में कम से कम 45 लोगों की मौत हो गई।  बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, रियो डी जनेरियो में बुधवार को पुलिस के नवीनतम ऑपरेशन में, कॉम्प्लेक्सो दा पेन्हा शहर के उत्तर में गोलीबारी के दौरान 10 लोग मारे गए।  स्थानीय मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि मृतकों में मादक पदार्थों की तस्करी करने वाला एक सरगना भी शामिल है, जबकि चार लोग घायल हुए हैं।  शहर की सैन्य पुलिस ने कहा कि खुफिया सूचना के बाद कॉम्प्लेक्सो दा पेन्हा में ऑपरेशन शुरू किया गया था। सूचना में बताया गया था कि इलाके में नशीली दवाओं के तस्करों की एक बैठक होने वाली है।  कॉम्प्लेक्सो दा पेन्हा के आसपास के स्कूल बुधवार को नहीं खुले, इससे लगभग 3,220 छात्रों को घर पर ही रहना पड़ा। गौरतलब है कि रियो डी जनेरियो ब्राज़ील के सबसे हिंसक राज्यों में से एक है।  बीबीसी ने बताया कि इस बीच, उत्तर-पूर्वी राज्य बाहिया में, 28 जुलाई से सोमवार के बीच तीन शहरों साल्वाडोर, इतातिम और कैमाकारी में पुलिस और गिरोह के सदस्यों के बीच झड़पें हुईं।  कैमाकारी में, 28 जुलाई को सात लोग मारे गए, जबकि इतातिम ने रविवार को हिंसक झड़पों के दौरान आठ लोगों की मौत की सूचना दी।  साल्वाडोर में पुलिस और सशस्त्र संदिग्धों के बीच झड़प में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि स्कूल भी मंगलवार को बंद रहे।  बाहिया ऑपरेशन के दौरान बंदूकें, फोन और ड्रग्स जब्त किए गए।  साओ पाओलो राज्य में 'ऑपरेशन शील्ड' नामक पांच दिवसीय पुलिस छापे के दौरान 16 लोग मारे गए और 58 अन्य को गिरफ्तार कर लिया गया।  यह ऑपरेशन 28 जुलाई को तटीय शहर गुआरुजा में एक विशेष बल के पुलिस अधिकारी की हत्या के बाद शुरू हुआ।  बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस कार्रवाई की व्यापक निंदा भी हुई है।  न्याय मंत्री फ्लेवियो डिनो ने गुआरुजा में ऑपरेशन की आलोचना की, उन्होंने कहा कि पुलिस की कार्रवाई आक्रामक थी।   कॉम्प्लेक्सो दा पेन्हा में ऑपरेशन की निंदा करते हुए, रियो राज्य विधायिका के सदस्य तालिरिया पेट्रोन ने कहा कि


मध्यप्रदेश न्यूज़ डेस्क,  राजस्थान के बाद अब शहर में भी मणिपुर का ड्रग्स बिक रहा है. यहां बड़े सप्लायर चेन सिस्टम में ड्रग्स सप्लाई कर रहे हैं. इससे पुलिस भी इन्हें पकड़ने में असफल है. शहर में तेजी से बड़ रही नशे की चेन को तोड़ने के लिए पुलिस अफसरों ने स्पेशल टीम बनाई है. टीम 1 हजार पैडलर्स पर नजर रख रही है. ऐसे बदमाशों की भी सूची बनी है, जो शहर में रहते जरूर हैं पर आसपास के शहरों व दूसरे प्रदेशों में ड्रग्स की खरीद-फरोख्त का काम कर रहे हैं.
नशे में धुत बदमाश अब लोगों के लिए खतरा साबित होने लगे हैं. ये लूटपाट, हत्या के प्रयास, हत्या की वारदात को अंजाम दे रहे हैं. ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं. ऐसे बदमाशों पर कसावट के लिए क्राइम ब्रांच ने स्पेशल प्लान बनाया है. इसमें बड़े ड्रग्स सप्लायर की जानकारी जुटाने से लेकर चेन में पैडलर्स के पास पहुंच रही नशे की खेप का स्कैन जारी है. करीब 1 हजार ड्रग्स पैडलर्स का रिकॉर्ड तैयार है.
इस वर्ष 2.9 करोड़ का ड्रग्स बरामद, ब्राउन शुगर की मात्रा सबसे अधिक

● 48 केस में 89 आरोपियों से 1.81 करोड़ की ब्राउन शुगर जब्त.
● 6 केस में 7 आरोपियों से 20 लाख कीमत की एमडी ड्रग्स जब्त.
● 3 केस में 5 आरोपियों से 2 लाख कीमत की चरस बरामद.
● 6 केस में 8 आरोपियों से 5 लाख कीमत का गांजा जब्त.
● 1 केस में 2 आरोपियों से 1 लाख की स्मैक जब्त.
(नोट: कुल 64 केस में 111 आरोपियों से 2.9 करोड़ अनुमानित कीमत की ड्रग्स बरामद हुई है.)
1 ग्राम से 5 पुड़िया बनाते हैं
अफसरों के मुताबिक, नशे के गिरफ्त में आए युवा खुद का खर्च और नशे की लत पूरी करने राजस्थान से ब्राउन शुगर बुलाकर बेच रहे हैं. डीसीपी अग्रवाल ने बताया, जैसे किसी पैडलर्स के पास 10 ग्राम ब्राउन शुगर है तो वह उसकी 40 पुड़िया बनाकर बेच देगा. यानी 1 ग्राम की 4 से 5 पुड़िया बनेगी. प्रति पुड़िया 500, 1 हजार से लेकर 1500 तक बिकती है. हाल ही में 5-6 तस्करों को पकड़ा गया है, जिनसे करीब 1 किलो ब्राउन शुगर जब्त हुई है. शहर में बिक रहे नशे पर लगाम लगाने अब पैडलर्स पर नजर रख रहे हैं.
लाला गैंग का नाम आया सामने
अफसरों की मानें तो राजस्थान के प्रतापगढ़ ब्राउन शुगर का बड़ा केंद्र है. शहर के पैडलर्स यहीं से नशा लाकर युवाओं को बेच रहे हैं. यह भी पता चला है कि राजस्थान की लाला गैंग इस काम में लिप्त है. गैंग के सरगना इतने शातिर हैं कि वे किसी से सीधे संपर्क नहीं करते. उनका संपर्क नंबर, पता निकालना काफी मुश्किल है. प्रतापगढ़ के बड़े सप्लायर अब मणिपुर से ब्राउन शुगर की खेप मंगवा रहे हैं. सप्लायर ने नशे की खेप सप्लाई के लिए कई एजेंट बनाए है. एजेंट ही शहर के बदमाशों और पैडलर्स को ड्रग्स सप्लाई कर रहे हैं.
डीसीपी क्राइम ब्रांच निमिष अग्रवाल ने बताया, करीब 1 हजार पैडलर्स शहर में युवाओं को नशा बेच रहे हैं. इन पर नजर रखने के लिए 5 टीमें बनी हैं. बदमाशों का रिकॉर्ड तैयार है, जिन बस्तियों, मल्टी, कॉलोनी, मोहल्ले में नशा बिक रहा है, वहां के पैडलर्स के रिकार्ड तैयार किए हैं. 30 ऐसे पैडलर्स की लिस्ट बनी है, जो शहर में रहते जरूर हैं पर नशे का करोबार दूसरे प्रदेशों में फैला रखा है. इस संबंध में पश्चिम बंगाल, हैदराबाद, तमिलनाडु से जानकारी निकाली है.

इंदौर न्यूज़ डेस्क !!!
 

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