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Indore ग्रीन कचरे के निपटान के अधिकांश प्लांट हो गए बंद, सर्वे टीमों के लौटते ही दिखने लगी उदासीनता
 

Indore ग्रीन कचरे के निपटान के अधिकांश प्लांट हो गए बंद, सर्वे टीमों के लौटते ही दिखने लगी उदासीनता


मध्यप्रदेश न्यूज़ डेस्क, शहर एक बार फिर से स्वच्छता में नंबर वन पर बने रहने के लिए तैयारी कर रहा है, लेकिन दूसरी ओर स्वच्छता सर्वे में सबसे अहम किरदार निभाने वाले कचरा निपटान प्लांट ही बंद पड़े हैं. सर्वे के पहले चरण में प्लांट्स का निरीक्षण कर टीमें लौट चुकी हैं. टीमों के जाते ही प्लांट भी बंद हो गए हैं.

शहर में हरित क्षेत्र, उद्यानों के साथ ही पेड़ों की कटाई-छंटाई और उनके काटे जाने पर निकलने वाले हरे कचरे के निपटान के लिए अलग-अलग कोनों में पांच प्लांट मेघदूत गार्डन, सिरपुर, चिडिय़ाघर, रीजनल पार्क और ट्रेचिंग ग्राउंड में बनाए गए हैं. उद्यान विभाग की टीमों को अपने यहां से निकलने वाले कचरे को इन प्लांट्स पर ही लाना है, जहां उन्हें छोटे-छोटे टुकड़ों में काटने के साथ ही मिट्टी और अन्य सामान में मिलाकर उसकी खाद बनाई जाती है. हालत ये है कि ट्रेंचिंग ग्राउंड को छोड़कर बाकी के प्लांट या तो बंद पड़े हैं या फिर हफ्ते में एक-दो बार ही चलाए जा रहे हैं. प्लांट बंद होने के कारण यहां से खाद भी नहीं बन पा रही है. जू में स्थित प्लांट की भी हालत ऐसी ही है. ये प्लांट सप्ताह में एक दो बार ही चलता है, जबकि यहां जोन 18 और 11 के साथ ही चिड़ियाघर से भी निकलने वाले ग्रीन वेस्ट को खत्म करना होता है. अधिकांश समय ये प्लांट बंद ही पड़ा रहता है.
ट्रेंचिंग ग्राउंड भेज रहे कचरा
प्लांट्स के नहीं चलने से यहां पर जो कचरा इकट्ठा हो रहा है, उसे गाड़ियों में भरकर ट्रेंचिंग ग्राउंड के प्लांट पर भेज दिया जाता है. यहां सभी जगह का कचरा होने के कारण ट्रेंचिंग ग्राउंड में पीछे की ओर ग्रीन वेस्ट का ढेर लग गया है. इसके साथ ही यहां कई सौ क्विंटल से ज्यादा लकड़ी भी इकट्ठा हो चुकी है.
हमारे सभी प्लांट्स चल रहे हैं. कहीं भी ऐसी कोई समस्या नहीं है. यदि कहीं बंद है तो मैं उसे दिखवाता हूं.- महेश शर्मा, अधीक्षण यंत्री, नगर निगम

इंदौर न्यूज़ डेस्क !!!
 

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