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Indore स्मार्ट सिटी की अधिकांश सड़कों पर नजर आ रहे चेंबर ही चेंबर स्मार्ट सिटी में खेल: घटिया क्वालिटी छिपाने के लिए तोड़ रहे हैं नियम
 

Indore स्मार्ट सिटी की अधिकांश सड़कों पर नजर आ रहे चेंबर ही चेंबर स्मार्ट सिटी में खेल: घटिया क्वालिटी छिपाने के लिए तोड़ रहे हैं नियम

मध्यप्रदेश न्यूज़ डेस्क, स्मार्ट और तेजी से काम के लिए स्मार्ट सिटी कंपनी का गठन किया गया था, लेकिन इंदौर में स्मार्ट सिटी कंपनी के अफसरों ने इसे भ्रष्टाचार का अड्डा बना दिया है. अफसरों ने तेजी से और अच्छा काम करने के बजाए सारे नियम ही तोड़ दिए. इसका असर निर्माण कार्यों की क्वालिटी पर दिखता है. स्मार्ट सिटी की अधिकांश सड़कों की हालत ये है कि उनमें जगह-जगह चेंबर ही चेंबर नजर आते हैं. लोक निर्माण विभाग ने निर्माण कार्यों के लिए कुछ नियम तय किए हैं. सड़क निर्माण और जमीन के अंदर से गुजरने वाली ड्रेनेज, स्टॉर्म वाटर, पेयजल लाइन आदि के लिए भी नियम तय हैं. उनकी गहराई और सफाई के लिए बनाए जाने वाले चेंबर के लिए भी नियम बने हैं. इसके तहत कोई मोड़ या ज्वाइंट नहीं आने पर दो चेंबर के बीच कम से कम 12 फीट और अधिकतम 30 फीट का अंतर रहना चाहिए. लेकिन, स्मार्ट सिटी कंपनी की सड़कों में कई जगह 1.2 फीट की दूरी पर भी चेंबर हैं.

कृष्णपुरा से राजबाड़ा के बीच की सड़क पर वीर सावरकर गेट के सामने के हिस्से में 40 फीट की सड़क में 8 से ज्यादा चेंबर हैं. इसके आगे के हिस्से में भी तीन जगह पांच-पांच चेंबर बने हैं. जयरामपुर से गौराकुंड के बीच की सड़क के भी यही हाल हैं. यहां सीतलामाता बाजार वाले हिस्से में सराफा के लिए जाने वाली गली के मुहाने पर सड़क पर पांच चेंबर हैं. ऐसी ही बदहाली गौराकुंड के लिए आगे बढ़ने पर भी आती है. नंदलालपुरा से कृष्णपुरा के बीच की 250 मीटर की सड़क में भी कई जगह आसपास ही दो या उससे ज्यादा चेंबर हैं. स्मार्ट सिटी के अधिकारियों ने इस मामले में चुप्पी साध ली है.
प्लानिंग, सर्वे और सुपरविजन की कमी
सिविल इंजीनियर अतुल सेठ का कहना है कि सड़क में एक ही जगह इतने चेंबर नहीं होने चाहिए. इससे यहां से गुजरने वाली लाइनों की सफाई में भी परेशानी होती है. साफ है कि ये सड़कें केवल दिखावे के इरादे से बनाई गई हैं. सीमेंट-कांक्रीट की सड़क 20 से 25 साल आगे की प्लानिंग से बनती हैं. किसी भी सड़क को बनाने के पहले उसका सर्वे होता है. इसमें देखा जाता है कि वहां किस तरह का और कितना ट्रैफिक गुजरेगा, आसपास किस तरह की आबादी है, कितनी लाइनें और कहां जमीन के अंदर से गुजर रही हैं? एक ही जगह पर इतने चेंबर से साफ है कि सड़क बनाने के दौरान प्लानिंग नहीं की गई. सुपरविजन सही नहीं होने से सड़कों में दिक्कत आ रही है.
क्वालिटी पर पड़ता है असर
अधिक चेंबर का असर सड़क की क्वालिटी पर पड़ता है. सड़क में दो चेंबर के बीच में कॉम्पेक्शन सही तरीके से नहीं हो पाता है, क्योंकि चेंबर फूटने का डर रहता है. ऐसे में अधिकांश सड़कें ऐसी जगह पर दब जाती हैं या उसमें गड्ढे हो जाते हैं.
ट्रैफिक होता है बाधित
स्मार्ट सिटी कंपनी ने शहर के सबसे ज्यादा ट्रैफिक वाले हिस्सों में सड़कों का निर्माण किया है. चेंबर की क्वालिटी का भी ध्यान नहीं रखा. कई जगह चेंबर के ढक्कन टूट रहे हैं, जिससे ट्रैफिक बाधित हो रहा है.

इंदौर न्यूज़ डेस्क !!!

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