Samachar Nama
×

Gorakhpur एम्स में लगेगा येलो फीवर का टीका, जानलेवा साबित होता है येलो फीवर

एम्स
 

उत्तरप्रदेश न्यूज़ डेस्क   मध्य-दक्षिण अमेरिकी व अफ्रीकी देशों की यात्रा करने वाले पूर्वांचल के लोगों के लिए अहम खबर है. इन देशों की यात्रा से पूर्व लगने वाला येलो फीवर टीका अब एम्स में ही लग सकेगा. इस टीका को लगवाने के लिए दिल्ली या लखनऊ जाने की आवश्यकता नहीं होगी.
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में येलो फीवर के टीकाकरण की शुरुआत करने जा रहा है. यह टीका एम्स के सामुदायिक एवं पारिवारिक चिकित्सा विभाग द्वारा लगाया जाएगा. इसके लिए टीकाकरण केंद्र पर विशेष इंतजाम होंगे. इस टीके को लगाने के बाद एक प्रमाणपत्र भी मिलेगा. येलो फीवर का टीका लगाने वाला एम्स प्रदेश का दूसरा संस्थान होगा. इस प्रदेश में अभी यह टीका लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) में ही लगता है. मेडिकल यूनिवर्सिटी का में यह टीका हफ्ते में एक दिन ही लगता है. कई बार वहां टीका खत्म होने पर इसके लिए यात्रियों को दिल्ली तक का चक्कर काटना पड़ता था. इसकी तस्दीक एम्स के सामुदायिक एवं पारिवारिक चिकित्सा के विभागाध्यक्ष प्रो. हरिशंकर जोशी ने की. बताया किपूर्वी यूपी, पश्चिमी बिहार और नेपाल से विदेश जाने वाले लोगों को सहूलियत होगी.
कई देशों में मांगा जाता है प्रमाणपत्र आमतौर पर यह टीका विदेश यात्रा करने वाले ही लगवाते हैं. येलो फीवर से प्रभावित देशों की लंबी फेहरिस्त है. विश्व के 56 देशों में यह महामारी के तौर पर है.

जिसमें अफ्रीकन महाद्वीप के अफ्रीका, केन्या, इजिप्ट, अल्जीरिया, घाना, नाइजीरिया, इथोपिया, सूडान, लीबिया और युगांडा समेत 43 देश और मध्य व दक्षिणी अमेरिका के 13 देश इस सूची में शामिल हैं. इन देशों में येलो फीवर का टीका लगाए बगैर वीजा नहीं मिलता.
जानलेवा साबित होता है येलो फीवर
यह बीमारी मच्छरों के काटने से फैलती है. यह जानलेवा हो सकता है. इसमें बुखार, सिरदर्द, मुंह, नाक, कान, और पेट में रक्तस्राव, उल्टी, मितली, जी मचलाना, लिवर और किडनी खराब होना, पेटदर्द, पीलिया इसके लक्षण है. विदेश जा रहे हैं लोगों को वैक्सीनेशन ज़रूर लगवाना जरूरी होता है. यह इसलिए भी ज़रूरी है क्योंकि ऐसे देशों में येलो फीवर का काफी प्रकोप है. इन देशों की यात्रा करते वक्त इंफेक्शन हो सकता है.


गोरखपुर न्यूज़ डेस्क
 

Share this story