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Gaziabad शहर की सोसाइटी में आग से बचाव के इंतजाम नहीं, फायर उपकरण खराब, बिल्डर के पास एनओसी भी नहीं, जिंदगी दांव पर लगाकर रहने के लिए मजबूर सोसाइटीवासी
 

Gaziabad शहर की सोसाइटी में आग से बचाव के इंतजाम नहीं, फायर उपकरण खराब, बिल्डर के पास एनओसी भी नहीं, जिंदगी दांव पर लगाकर रहने के लिए मजबूर सोसाइटीवासी


उत्तरप्रदेश न्यूज़ डेस्क   ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी में लाखों रुपये खर्च कर फ्लैट खरीदने के बाद भी लोग अपनी जिंदगी दांव पर लगाकर रहने को मजबूर हैं. शहर की 70 फीसदी सोसाइटी में आग से बचाव के पुख्ता इंतजाम नहीं हैं. जबकि, पिछले एक साल में 1150 से ज्यादा आग की घटनाएं हो चुकी हैं. आगजनी से जान तक जा चुकी है. सोसाइटी निवासी संबंधित विभागों में शिकायत कर रहे हैं.
शहर में स्थित क्रॉसिंग रिपब्लिक, राजनगर एक्सटेंशन, गोविंदपुरम, सिद्धार्थ विहार, राकेश मार्ग, एनएन-9, इंदिरापुरम, वैशाली, कौशांबी आदि इलाकों की 250 में से 170 सोसाइटी ऐसी हैं, जिनमें आग बुझाने के इंतजाम नहीं हैं. इन सोसाइटी में आग बुझाने के उपकरण या तो खराब पड़े हुए हैं या फिर लगे ही नहीं हैं. जबकि, लोगों की सुरक्षा और रखरखाव के नाम पर हर माह शुल्क वसूला जाता है. अगर इन सोसाइटी में आग की कोई भी घटना होती है तो लोगों के साथ बड़ा हादसा हो सकता है. राजनगर एक्सटेंशन की ऑफिसर सिटी-वन में बहुत कम अग्निशमन उपकरण लगे हुए हैं. निवासियों ने बताया कि सोसाइटी का निर्माण होने के दौरान जो उपकरण लगाए गए थे वह पूरी तरह खराब हो गए थे, जिन्हें हटा तो दिया गया लेकिन नए उपकरण नहीं लगवाए गए. पानी के लिए जो पाइप लगाए गए वह भी गल चुके हैं. अग्निशमन विभाग में इसको लेकर कई बार शिकायत की गई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होती. क्रॉसिंग रिपब्लिक की जीएच-7, पंचशील वेलिंगटन, सेवियर आदि सोसाइटी में भी लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ किया जा रहा है. उपकरण सिर्फ नमूने बनकर रह गए हैं. इसके अलावा ट्रांस हिंडन की अलकनंदा टॉवर, मंदाकिनी टॉवर, शिखर एंक्लेव, आम्रपाली विलेज में भी आग से बचाव के इंतजाम नहीं हैं.

फायर स्टेशन का इंतजार शहर में क्रॉसिंग रिपब्लिक और राजनगर एक्सटेंशन सबसे बड़ी टाउनशिप हैं. क्रॉसिंग रिपब्लिक में 29 और राजनगर एक्सटेंशन में छोटी-बड़ी करीब 65 सोसाइटी हैं. इन टाउनशिप में विकासकर्ताओं के किए गए वादे और नक्शे के अनुसार फायर स्टेशन का निर्माण होना था. क्रोमा महासचिव उज्ज्वल मिश्रा ने बताया कि फायर स्टेशन को लेकर जीडीए, बिल्डर (सीआईपीएल) और निवासियों के बीच कई बार बैठक भी हो चुकी है. लेकिन कोई नतीजा नहीं निकल रहा.
कानून पर कार्रवाई नहीं होती
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि नियमों का पालन नहीं करने पर अग्नि निवारण एवं अग्नि सुरक्षा अधिनियम 2005 के अंतर्गत धारा-3 और 4 में कार्रवाई की जाती है. हर साल लापरवाही बरतने वाले कई बिल्डिंग मालिकों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है. जबकि ज्यादातर सोसाइटी के बिल्डर को कार्रवाई के नाम पर सिर्फ नोटिस जारी किया जाता है.
सभी फायर स्टेशन अधिकारियों को सोसाइटी में ऑडिट की जिम्मेदारी दी गई है, जिन सोसाइटी में मानकों का उल्लंघन पाया जाएगा उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. इसके अलावा समय-समय पर सोसाइटी के लोगों को मॉक ड्रिल से प्रशिक्षण भी दिया जाता है. -राहुल पाल, मुख्य अग्निशमन अधिकारी
फायर स्टेशन को लेकर जीडीए, बिल्डर और निवासियों के बैठक में भी कोई नतीजा नहीं निकल रहा. वहीं ज्यादातर सोसाइटी में बिल्डर ने उपकरण नहीं लगाए हैं. -उज्ज्वल मिश्रा, अध्यक्ष, फेडरेशन ऑफ क्रॉसिंग रिपब्लिक एओए
आगजनी के मामले
● 7 नवंबर 2022 को राजनगर एक्सटेंशन स्थित प्लैटिनम सोसाइटी में आग से लाखों रुपये का नुकसान.
● 12 अप्रैल 2022 को राजनगर एक्सटेंशन की रिवर हाइट्स सोसाइटी में आग से दो साल की बच्ची की मौत हो गई थी.
● 14 मार्च 2021 को राजनगर एक्सटेंशन की आशियाना पाम कोर्ट के फ्लैट में आग लगी.
● 2 नवंबर 2020 को राजनगर एक्सटेंशन की वीवीआईपी सोसाइटी की दुकान में आग.
● 22 अक्टूबर 2020 को क्रॉसिंग रिपब्लिक की जीएच-7 में वायर में लगी थी आग.
● 19 नवंबर 2018 को क्रॉसिंग रिपब्लिक की जीएच-7 में गीजर से आग लगी थी.


गाजियाबाद न्यूज़ डेस्क
 

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