Samachar Nama
×

Faridabad में फर्जी पते पर बने 39 पासपोर्ट मामले में 9 पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच शुरू

Faridabad में फर्जी पते पर बने 39 पासपोर्ट मामले में 9 पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच शुरू

शहर की जवाहर कॉलोनी में गलत पते पर बनाए गए 39 लोगों के पासपोर्ट मामले में पुलिसकर्मियों पर गाज गिरी है। सारन थाने में तैनात नौ पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। इन सभी 9 पुलिसकर्मियों को घटनास्थल पर जाकर भौतिक सत्यापन करने तथा सत्यापन के लिए फाइल आने पर रिपोर्ट प्रस्तुत करने की जिम्मेदारी थी। लेकिन उन्होंने अपना कर्तव्य ठीक से नहीं निभाया और बिना क्षेत्रीय सत्यापन के रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी। अगर उन्होंने ठीक से जांच की होती तो इतने सारे फर्जी पासपोर्ट नहीं होते। ये पासपोर्ट उनकी सत्यापन रिपोर्ट के आधार पर बनाए गए थे। पुलिस प्रवक्ता यशपाल सिंह ने पुष्टि की कि उसके खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।

जब भी कोई व्यक्ति पासपोर्ट के लिए आवेदन करता है तो आवेदन फाइल में दिए गए नाम, पता और मोबाइल नंबर का विवरण पासपोर्ट कार्यालय द्वारा संबंधित जिले की पुलिस को उपलब्ध करा दिया जाता है। उस आवेदक की फील्ड सत्यापन रिपोर्ट मांगी गई है। पुलिस आयुक्त या अधीक्षक कार्यालय की सुरक्षा शाखा से यह फाइल पते के आधार पर उस क्षेत्र के पुलिस थाने को भेज दी जाती है। थाना प्रभारी से परामर्श के बाद क्लर्क फाइल को संबंधित बीट अधिकारी या अन्य पुलिसकर्मी को आवंटित कर देता है। इसके बाद पुलिसकर्मी की जिम्मेदारी होती है कि वह उस पते पर जाकर यह सत्यापित करे कि वह व्यक्ति वहां रहता है या नहीं। इसके आधार पर वह एक रिपोर्ट तैयार करता है और उसे सुरक्षा शाखा को देता है जो फिर पासपोर्ट कार्यालय को भेजी जाती है।

लापरवाही कहां है?
कुछ पुलिसकर्मी इस मामले में लापरवाही बरत रहे हैं। वे आवेदक की फाइल में दिए गए नंबर पर कॉल करते हैं। उन्हें बुलाया जाता है और कहा जाता है कि वे अपने पहचान पत्र और दो पड़ोसियों के पहचान पत्र की फोटोकॉपी पर हस्ताक्षर करके पुलिस स्टेशन या चौकी में लेकर आएं। इसकी पुष्टि करने के बाद पुलिसकर्मी रिपोर्ट तैयार कर आगे भेजता है। इसके कारण लापरवाही होती है और लोग फर्जी पते पर पासपोर्ट बनवा लेते हैं।

Share this story

Tags