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Faizabad लालबाग क्रॉसिंग को पार करने में छूटता है पसीना, सबसे व्यस्ततम रेलवे क्रासिंग लालबाग-118(ए) मानी जाती है, गेटमैन को करनी पड़ती है नोकझोंक
 

Faizabad लालबाग क्रॉसिंग को पार करने में छूटता है पसीना, सबसे व्यस्ततम रेलवे क्रासिंग लालबाग-118(ए) मानी जाती है, गेटमैन को करनी पड़ती है नोकझोंक


उत्तरप्रदेश न्यूज़ डेस्क   लालबाग रेलवे क्रॉसिंग पर राहगीरों को घंटों जाम से जूझना पड़ता है. इस रेलवे क्रॉसिंग पर अधिक दबाव रहता है, क्योंकि 24 घंटे में 59 ट्रेनें (सवारी व मालगाड़ी) गुजरती है. रेलवे के 2006 के आंकड़े के मुताबिक छह लाख 46 हजार वाहनों का रोज क्रासिंग से आवागामन है. वर्तमान में यह आंकड़ा पार 12 लाख से अधिक बताया जाता है.

शहर की सबसे व्यस्ततम रेलवे क्रासिंग लालबाग-118(ए) मानी जाती है. इस क्रासिंग से राहगीरों को चंद मिनट में पार कर पाना टेढ़ी खीर होती है. ट्रेन आने से 10 मिनट पहले ही क्रासिंग का बैरियर गिरा दिया जाता है. जिसकी वजह से दो पहिया व चार पहिया वाहनों का आवगामन ठप हो जाता है और लंबा जाम लग जाता है. कभी-कभी दो ट्रेनों की भी क्रासिंग होती है. ऐसे हालात में लगभग घंटेभर बैरियर नहीं खुलता और भयंकर जाम लग जाता है. इस हालात में क्रासिंग के गेट मैन को रेलवे पुलिस फोर्स की मदद लेनी पड़ती है, क्योंकि अधिक समय तक बैरियर बंद होने पर राहगीर तैश में आकर आपा खो बैठते हैं और विवाद की स्थिति उत्पन्न हो जाती है. गेट मैन नीरज कुमार दुबे की मानें तो कुछ वाहन चालक ऐसे होते हैं कि बैरियर को ही क्षतिग्रस्त कर देते हैं. बताया कि पिछले माह ही बैरियर तोड़ दिया गया था. इस क्रासिंग से पूरा बाजार, दर्शननगर, देवकाली, अवश्नीपुरम कालोनी, सरस्वतीपुरम, जनौरा, वजीरगंज जप्ती, नेवाती पुरा, लालबाग, हैदरगंज, फतेहगंज व अन्य मोहल्ले के वाशिंदों का आवागमन रहता है. ज्यादा जाम मारवाड़ी सदन में वैवाहिक आयोजन के दौरान होती है, क्योंकि यहां वाहनों के पार्किंग की व्यवस्था नहीं होती और आगंतुक मार्ग पर ही वाहनों को पार्क कर देते हैं .
‘नो इंट्री’ में वाहनों की इंट्री बनती है मुसीबत लालबाग रेलवे क्रासिंग पर ट्रेनों की क्रासिंग के अलावा सबसे बड़ा जाम का कारण नो-इंट्री में वाहनों की इंट्री होती है.
फतेहगंज-लालबाग मार्ग पर थोक गल्ला की दुकानें है. यहां माल की ढुलाई के लिए यातायात पुलिस की ओर से शाम आठ बजे से सुबह आठ बजे तक वाहनों के प्रवेश का नियम बनाया गया है, लेकिन यहां दिनभर माल ढुलाई के लिए भारी वाहनों का आवागमन बना रहता है.


फैजाबाद न्यूज़ डेस्क
 

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