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Faridabad जमीन बंटवारे का रिकॉर्ड न होने से रजिस्ट्री कराना हुआ मुश्किल, नई नीति में 100 वर्गगज से कम वाले भूखंडों को बंटवारा नहीं किया जा सकता
 

Faridabad जमीन बंटवारे का रिकॉर्ड न होने से रजिस्ट्री कराना हुआ मुश्किल, नई नीति में 100 वर्गगज से कम वाले भूखंडों को बंटवारा नहीं किया जा सकता

हरियाणा न्यूज़ डेस्क,  शहर में जुलाई 2022 के बाद हुए जमीन के बंटवारे के भूखंड की प्रॉपर्टी आईडी नहीं बनी हैं. इसके चलते लोग अपनी ऐसी प्रॉपर्टी की खरीद-फरोख्त नहीं कर पा रहे हैं. ऐसे में लोगों के लिए रजिस्ट्री कराना भी मुश्किल हो गया है. वहीं, सैंकड़ों लोग प्रॉपर्टी आईडी के लिए निगम कार्यालयों में धक्के खाने को मजबूर हैं. पर इसका समाधान नहीं हो पा रहा है. अब मामला हरियाणा सरकार तक पहुंच गया है.
हरियाणा सरकार की नई भूखंड बंटवारा नीति 2022 के मुताबिक, 100 वर्गगज से कम भूखंड का बंटवारा नहीं किया जा सकता, लेकिन सैकड़ों लोगों ने 40, 50, 60 और 80 वर्गगज के भूखंड बेचने के करार किए हैं, लेकिन अब इनकी प्रॉपर्टी आईडी और रजिस्ट्री नहीं हो पा रही है. ऐसी दिक्कत सबसे अधिक एनएच-एक, दो, तीन, पांच के अलावा शहर की करीब डेढ़ सौ कॉलोनी में हैं.

नगर निगम क्षेत्र में संपत्तियों की आईडी भूखंड की रजिस्ट्री के आधार पर तैयार करता है, लेकिन नई नीति के तहत 100 वर्ग गज से कम का विवरण सिस्टम नहीं लेता है. ऐसे में लोग प्रॉपर्टी आईडी के लिए नगर निगम कार्यालयों के धक्के खा रहे हैं. नगर निगम अधिकारी एक-दो सप्ताह इंतजार की सलाह देकर टाल देते हैं, जबकि जमीन के बंटवारे के रिकॉर्ड के बिना रजिस्ट्री नहीं हो सकती है. ऐसे में करीब एक लाख लोग अपने सौ वर्गगज से कम के भूखंड चाह कर भी बेच नहीं पा रहे हैं.
एनएच इलाके और कॉलोनियों में दिक्कत हरियाणा सरकार की नई नीति से सबसे अधिक दिक्कत एनएच के इलाके और कॉलोनियों में हैं. इन इलाकों में बड़े प्लॉट को छोटे-छोटे हिस्सों में बेचा जाता है, या बंटवारा होता है. सूत्रों के मुताबिक जुलाई के बाद से ऐसे करीब 40 हजार भूखंडों की प्रापर्टी आईडी नहीं बनी है. ऐसे लोग अपनी संपत्ति आईडी के लिए भटकर रहे हैं.
अधिकारियों की बातचीत
हरियाणा सरकार की नई नीति के तहत 100वर्गगज से कम बंटवारा नहीं किया जा सकता है. अभी यह मामला सरकार के पास विचाराधीन है. उम्मीद है जल्द ही इस पर निर्णय हो जाएगा.
-धर्मपाल, मुख्य योजनाकार, नगर निगम
सर्वे में संपत्तियां दिखाईं, पर आईडी नहीं बन रही
नगर निगम ने 2018 में संपत्तियों की पहचान के लिए जो सर्वे कराया था, उसमें बंटवारे वाली संपत्तियों का विवरण है. इसके बावजूद आईडी तैयार नहीं हो पा रही हैं. कंपनी ने कुछ मौके पर जाकर तो कुछ ड्रोन के माध्यम से सर्वे का काम पूरा किया था. नगर निगम क्षेत्र में करीब 5.71 संपत्तियों की पहचान हुई.
काफी प्रॉपर्टी आईडी में गड़बड़ी है और काफी लोगों की संपत्ति की आईडी नहीं बनी है. जुलाई के बाद भूखंड बंटवारे की प्रापर्टी आईडी का रिकॉर्ड सिस्टम नहीं ले रहा है. मामला राज्य सरकार के सामने विचाराधीन है. जल्द ही समाधान होगा. -पदम ढांडा, क्षेत्रीय कराधान अधिकारी, नगर निगम
मेरे प्लॉटों की प्रॉपर्टी आईडी नहीं बनी है. अब कह रहे हैं कि जिससे प्लॉट खरीदा उसकी आईडी लेकर आओ. एक ने बताया कि इसकी आईडी अभी नहीं बनेगी. बीते चार महीने से धक्के खा रहा हूं.
-इंद्रजीत,नंगला एंक्लेव
मेरी प्रॉपर्टी आईडी के विवरण में मेरा मोबाइल नंबर गलत है. ओटीपी मैसेज किसी और के मोबाइल नंबर जाता है. यहां कोई सुनने को तैयार नहीं है. संपत्तिकर जमा नहीं कर पा रहे हैं.
-राजेश नागपाल, एनएच-दो


फरीदाबाद न्यूज़ डेस्क !!!
 

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