उत्तरप्रदेश न्यूज़ डेस्क जिलाधिकारी ने वशिष्ठ भवन के जीर्णोद्धार कार्यों व 14 कोसी परिक्रमा मार्ग के किनारे धारा रोड के समीप स्थित साकेत सदन परिसर में पर्यटन विकास कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया. उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कार्यों की गुणवत्ता आदि के संबंध में आवश्यक दिशा निर्देश दिए. जिलाधिकारी नितीश कुमार ने बताया कि वशिष्ठ भवन का जीर्णोद्धार कर भवन को वीआईपी गेस्ट हाउस के रूप में प्रयोग किये जाने का निर्णय लिया गया है. निरीक्षण के समय परियोजना का लगभग 70 प्रतिशत भाग का कार्य पूर्ण पाया गया है, शेष का कार्य प्रगति पर है. परियोजना अन्तर्गत आठ शूट, एक रिसेप्शन रूम, दो अतिरिक्त कक्ष का जीर्णोद्वार कार्य भवन के मूलरूप एवं पूरानी धरोहर को समाहित करते हुए कार्य कराया जा रहा है. इस भवन का एरियल व्यू ‘ॐ’ के आकार का है. इस दौरान डीएम ने भवन के जीर्णोद्धार के साथ ही संपूर्ण परिसर को भी विकसित कर आकर्षक रूप प्रदान करने के निर्देश दिए. कार्यदायी संस्था के परियोजना प्रबन्धक, यूनिट-44, सीएण्ड डीएस, उप्र जल निगम (नगरीय) अयोध्या ने बताया कि जिलाधिकारी द्वारा दिये गये निर्देशों के क्रम में वशिष्ठ कुण्ड में लगभग 150 वर्ष पुराने वशिष्ठ भवन का जीर्णोद्धार कार्य अयोध्या संरक्षण निधि द्वारा निर्गत 146.95 लाख की धनराशि से कराया जा रहा है. इसके उपरांत जिलाधिकारी ने साकेत सदन के विकास कार्यों का निरीक्षण कर प्रगति की जानकारी ली. कार्यदायी संस्था उप्र प्रोजेक्ट्स कारपोरेशन लि., निर्माण इकाई-11 के परियोजना प्रबन्धक ने बताया कि साकेत सदन के पर्यटन विकास का 58 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है. टिकट काउन्टर का कार्य 40 प्रतिशत, सेवीनियर शॉप (बी-2), बाउण्ड्री वाल व इण्टरप्रिटेशन वाल का 70 प्रतिशत, मुख्य भवन (संग्रहालय) व टाइलेट ब्लाक का 60 प्रतिशत, इन्ट्रेंस प्लाजा का 50 प्रतिशत तथा पाथ-वे का 45 प्रतिशत से अधिक कार्य पूर्ण हो चुका है तथा शेष कार्य तीव्र गति से कराया जा रहा है और समस्त कार्यों को दिसम्बर, 2024 तक पूर्ण कर लिया जायेगा. जिलाधिकारी ने कार्यों की विशिष्टियों एवं गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु समय-समय पर स्वयं निरीक्षण करने तथा समस्त कार्यों को संरक्षण तकनीक से कुशल कारीगरों के माध्यम से निर्धारित समयावधि में पूर्ण करने के निर्देश दिये.
चरणबद्ध तरीके से हो रहा भवनों का कार्य
डीएम ने बताया कि अयोध्या धाम में ऐतिहासिक भवनों को सजाने-संवारने का कार्य चरणबद्ध रूप से प्रगति पर है. साकेत सदन परिसर में 1756 से 1775 ई. के मध्य निर्मित ऐतिहासिक भवनों का जीर्णोद्धार तत्समय निर्माण कार्य में प्रयुक्त सामाग्रियों यथा-चूना, सुर्खी, शीशा, मेथी, उड़द की दाल, गोंद/गूगल, बेलगिरी पाउडर आदि पदार्थों, निर्माण सामाग्रियों को मिलाकर बनाये गये मोटार और मसाले से किया जा रहा है. जीर्णोद्धार के बाद इस भवन की प्राचीनता दिखाई देगी. यहां आगन्तुकों के लिए मनोरंजन के लिए ओपेन एयर थियेटर, एक भवन में म्यूजियम काम्पलेक्स बनाया जायेगा.
फैजाबाद न्यूज़ डेस्क

