वीडियो में देंखे सरकारी कर्मचारी ने पुलिसकर्मियों पर घर में घुसकर मारपीट और अभद्रता का आरोप लगाया
धौलपुर के राजाखेड़ा क्षेत्र में एक सरकारी कर्मचारी ने कुछ पुलिसकर्मियों पर घर में घुसकर अभद्रता और मारपीट करने का आरोप लगाया है। पीड़ित कर्मचारी ने इस संबंध में पुलिस अधीक्षक से शिकायत दर्ज कराई है और कठोर कार्रवाई की मांग की है। जानकारी के अनुसार, राजाखेड़ा निवासी प्रबल कुमार उर्दनिया, जो SIPF विभाग में कनिष्ठ सहायक के पद पर कार्यरत हैं, ने बताया कि यह घटना 4 मार्च की रात लगभग 11 बजे हुई। उस समय प्रबल कुमार अपने घर में आराम कर रहे थे।
प्रबल के पिता ने घर का दरवाजा खोला तो लाठी लिए कुछ लोग खड़े थे, जिन्होंने खुद को राजाखेड़ा थाने का पुलिसकर्मी बताया। उन्होंने दावा किया कि प्रबल कुमार को थानेदार ने बुलाया है।शि कायत के अनुसार, जब प्रबल कुमार कमरे से बाहर आए और पुलिसकर्मियों से बुलाने का कारण पूछा, तो उन्होंने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। इसके बाद कथित तौर पर पुलिसकर्मियों ने गाली-गलौज शुरू कर दी। घटना के दौरान प्रबल की पत्नी ने विरोध किया, तो पुलिसकर्मियों ने उनके साथ भी असभ्य भाषा और अभद्र व्यवहार किया। पीड़ित ने आरोप लगाया कि इस घटना में शारीरिक हिंसा की भी कोशिश की गई।
प्रबल कुमार ने कहा कि वह और उनका परिवार इस घटना से मानसिक तनाव में हैं। उन्होंने पुलिस अधीक्षक से तुरंत जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं पुलिस और आम जनता के बीच विश्वास को कमजोर करती हैं। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच हो। पुलिस अधीक्षक ने मामले पर टिप्पणी करते हुए कहा कि शिकायत गंभीर है और इस संबंध में तत्काल जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि जांच के बाद यदि पुलिसकर्मियों द्वारा कोई अनुचित कार्य किया गया है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के मामलों में नियमित निगरानी और पारदर्शिता जरूरी होती है ताकि पुलिस और नागरिकों के बीच भरोसा बना रहे। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि पुलिसकर्मियों और आम जनता के बीच व्यवहार और पेशेवर मर्यादा का पालन कितना महत्वपूर्ण है। प्रशासन ने कहा कि जांच पूरी होने तक मामले की गोपनीयता बनाए रखी जाएगी और पीड़ित परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। राजाखेड़ा क्षेत्र में यह घटना चर्चा का विषय बन गई है। स्थानीय समाज और सरकारी कर्मचारी इस मामले पर नजर बनाए हुए हैं और उम्मीद जताई जा रही है कि जांच निष्पक्ष रूप से पूरी की जाएगी।

