इन लोगों के पखारे गए पैर फादर ज्ञान प्रकाश टोपनो ने विलियम पन्ना, मनोज टोप्पो, परमानंद कुजूर, सुषमा टोप्पो, अनीता तिर्की, शीला सोरेन, रश्मि लकड़ा, माइकल डायमंड, नॉर्मल कैरी, सीमा कुमारी, बसंती मिंज व जॉन कैंप के पैर पखारे। इनमें पांच महिला व कई पुलिसकर्मी भी शामिल थे, जो समाज में सेवा कार्य में निरंतर लगे रहते हैं।
आध्यात्मिक शक्ति व नवजीवन प्रदान करने वाला प्रार्थना सभा में फादर ज्ञान प्रकाश टोपनो ने कहा कि पहले के समय में पैर धोने का काम घर के मालिक का नहीं बल्कि सेवक का होता था। इसके ठीक विपरीत प्रभु यीशु ने स्वयं प्रभु होकर भी एक दास की तरह अपने शिष्यों के पैर धोए और पुरानी चली आ रही प्रथा को तोड़ दिया। उस दिन से लेकर आज तक हर पुण्य वृहस्पतिवार के समय में पूरी दुनिया में प्रभु यीशु द्वारा रखी गई इसी व्यवस्था को दोहराई जाती है। यह हमारे क्रिश्चियन जीवन का केंद्र है। यही हम सबको आध्यात्मिक रूप से स्वस्थ रखता है एवं नया जीवन देता है। यह हमें दुख तकलीफों को सहने एवं उनसे ऊपर उठने का साहस देता है एवं हमें अपने विश्वास में मजबूत बनाता है। यीशु ख्राीस्त हर उस जगह विद्यमान होते हैं, जहां कलीसिया एक साथ जमा होती है, भजन गाती है एवं प्रार्थना करती है। कार्यक्रम को सफल बनाने में शिशिर प्रभात तिर्की, इतवार टूटी, हरमन बिल, प्रवीण लोंमगा सहित अन्य की सराहनीय भूमिका रही।धनबाद न्यूज़ डेस्क!!!!