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Dhanbad जोरदार विस्फोट के साथ 100 मीटर में धंसी जमीन, कापासारा में 25-30 लोगों के दबने की दिनभर होती रही चर्चा
 

Dhanbad जोरदार विस्फोट के साथ 100 मीटर में धंसी जमीन, कापासारा में 25-30 लोगों के दबने की दिनभर होती रही चर्चा

झारखण्ड न्यूज़ डेस्क,  ईसीएल मुगमा एरिया के कापासारा आउटसोर्सिंग प्रोजेक्ट में  की सुबह तेज आवाज के साथ सौ मीटर के दायरे में जमीन धंस गई. 10 फीट तक जमीन धंसी है. नीचे कोयले की अवैध सुरंगनुमा खदानें हैं. आशंका व्यक्त की जा रही है कि अवैध खनन कर रहे लगभग लगभग 25-30 लोग दब गए हैं. हालांकि ईसीएल एरिया प्रबंधन एवं पुलिस-प्रशासन की ओर से इसकी पुष्टि नहीं की गई है. जिस जगह पर जमीन धंसी है, वहां हर दिन कोयले का अवैध खनन किया जाता है. घटनास्थल से 50 फीट की दूरी पर तीन-चार झोपड़ियां हैं, जिसमें रहने वाले लोग बाल-बाल बच गए.
झोपड़ी में रहनेवाले लोगों ने कहा कि सुबह-सुबह जोरदार आवाज के साथ जमीन धंसी. रोजाना दर्जनों लोग कोयला निकालने के लिए अवैध मुहाने में घुसते हैं.  की रात भी लोग अवैध खनन के लिए अंदर गए थे. अब वे लोग अंदर में हैं या घटना से पहले बाहर निकल गए, यह पता नहीं है. बताया कि सुरक्षा का कोई ठोस इंतजाम नहीं किया गया है. सुरक्षा के नाम पर सिर्फ प्रवेश निषेध का बोर्ड लगा है. मामूली तार से घेराबंदी कर खानापूर्ति की गई है.
कोयले की कई बोरियां मिलीं अवैध खनन एवं किसी के दबे होने की आशंका को अधिकारी नकार रहे हैं. वैसे भू-धंसान स्थल के समीप भू-धंसान के नीचे कोयले के अवैध खनन का मुहाना है. इसके पास कोयले की बोरियां पड़ी थीं. यह इस बात का संकेत है कि अवैध खनन हो रहा था. अवैध खनन करने वाले ही कोयला रखने के लिए प्लास्टिक की बोरियों का इस्तेमाल करते हैं. एग्यारकुंड सीओ अमृता कुमारी ने घटनास्थल का जायजा लिया. मौके पर मौजूद मैनेजर एमके सिंह को खदान की सुरक्षा को लेकर आवश्यक दिशा निर्देश दिए. हिदायत दी कि किसी भी सूरत में अवैध खनन नहीं होना चाहिए. अवैध मुहानों की भराई करने का भी निर्देश दिया.

रास्ता बंद किया
ईसीएल ने घटनास्थल की ओर जाने वाले कच्चे रास्ते को कटिंग कर अवरुद्ध कर दिया गया है. खतरे का निशान लगा दिया गया.
पूर्व में हुए कोयले के अवैध खनन के कारण जमीन खोखली हो गई है. इसी कारण भू धंसान हुआ है. मलबे में कोई नहीं दबा है. वर्तमान में अवैध खनन नहीं हो रहा है. - पीके सिंह, कोलियरी एजेंट
हावड़ा-नई दिल्ली रेल 500 मीटर दूर
घटनास्थल से महज 500 मीटर की दूरी पर हावड़ा-नई दिल्ली मुख्य रेल मार्ग है. अवैध खनन से रेल लाइन को भी खतरा हो सकता है. कोलियरी और आउटसोर्सिंग प्रबंधन ने भू धंसान की बात तो स्वीकार की है, लेकिन धंसान के मलबे में किसी के दबे होने की आशंका से साफ इंकार किया है.


धनबाद न्यूज़ डेस्क !!!
 

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