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Dhanbad कोल इंडिया ने दो लाख टन प्रतिवर्ष कार्बन सिंक की क्षमता हासिल की
 

Dhanbad कोल इंडिया ने दो लाख टन प्रतिवर्ष कार्बन सिंक की क्षमता हासिल की


झारखण्ड न्यूज़ डेस्क, कोल इंडिया ने तक 4392 हेक्टेयर जमीन पर पौधरोपण कर प्रतिवर्ष 2.2 लाख टन कार्बन सिंक की क्षमता हासिल की है. कोल इंडिया की ओर से जारी रिपोर्ट में यह खुलासा किया गया. उसे बड़ी उपलब्धि करार दी गई है. रिपोर्ट में जिक्र है कि कोल इंडिया ने चालू वित्तीय वर्ष में 1526 हेक्टेयर भूमि पर पौधरोपण का लक्ष्य तय किया था. लक्ष्य से ज्यादा यानी 101 सफलता मिली है. लगभग 1526 हेक्टेयर जमीन पर पौधरोपण किया गया है. कोल इंडिया ने खनन क्षेत्र को हरा-भरा करने के लिए अभियान शुरू किया है. वित्तीय वर्ष 2021 में 862 हेक्टेयर के साथ 77 बढ़ा था. हालांकि सभी कोल कंपनियों ने पौधरोपण का लक्ष्य हासिल नहीं किया है.

कुछ अनुषंगी कंपनियों में ज्यादा पौधरोपण किया गया, तो कुछ में लक्ष्य से कम है. कुल पौधरोपण लक्ष्य से ज्यादा है. कई कंपनियों में पौधरोपण के लिए मुकम्मल जमीन उपलब्ध नहीं हुई. उक्त रिपोर्ट से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण तथ्य कोल इंडिया की ओर से  ऑफिसिल ट्विटर हैंडल पर ट्वीट भी किया गया है. पूरे मामले पर बीसीसीएल पर्यावरण विभाग के एचओडी कुमार रंजीब ने कहा कि पौधरोपण वाले क्षेत्र के आधार पर कार्बन सिंक की क्षमता का आकलन किया जाता है. फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीच्यूट देहरादून की स्टडी में यह बात सामने आयी है कि एक हेक्टेयर में पौधरोपण से 50 टन कार्बन सिंक की क्षमता बढ़ती है. कार्बन सिंक की क्षमता का अध्ययन पूर्व में फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीच्यूट देहरादून की टीम ने बीसीसीएल में भी की थी. रिपोर्ट में कहा गया था कोयला खनन क्षेत्र में या लीज होल्ड एरिया के आसपास एक हेक्टेयर क्षेत्र में पौधरोपण करते हैं, तो इससे 50 टन कार्बन सिंक की क्षमता हासिल होती है. जमीन और पौधे के अनुसार इसमें थोड़ी बहुत कमी बेसी संभव है.
धनबाद न्यूज़ डेस्क !!!

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