वीडियो! दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर पकड़े गए 40 टन मीट में निकला गाय का मांस, FSL रिपोर्ट से बड़ा खुलासा
राजस्थान के दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर पांच दिन पहले पकड़े गए 40 टन मीट से भरे कंटेनरों को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की जांच रिपोर्ट में पुष्टि हुई है कि कंटेनरों में मिला मीट गाय का था। रिपोर्ट सामने आने के बाद पुलिस और प्रशासन ने मामले में आगे की कार्रवाई तेज कर दी है। वहीं जब्त किए गए मीट के निस्तारण की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।मामला दौसा जिले के बांदीकुई थाना क्षेत्र का है। थाना प्रभारी जहीर अब्बास ने जानकारी देते हुए बताया कि एफएसएल जांच में कंटेनरों में रखे मीट के सैंपल गाय के मांस पाए गए हैं। इसके बाद अब कानूनी प्रक्रिया के तहत जब्त मीट को नष्ट करवाया जा रहा है।
पुलिस के अनुसार घटना 22 मई शुक्रवार अलसुबह करीब 4 बजे की है। गौ रक्षकों को सूचना मिली थी कि महाराष्ट्र से मेरठ की ओर दो कंटेनरों में भारी मात्रा में मीट ले जाया जा रहा है। सूचना मिलने के बाद गौ रक्षकों ने दोनों कंटेनरों का पीछा शुरू कर दिया।बताया जा रहा है कि पीछा किए जाने की भनक लगते ही कंटेनर चालक घबरा गए। दोनों ड्राइवर बांदीकुई थाना क्षेत्र के नंदेरा गांव के पास कंटेनरों को छोड़कर मौके से फरार हो गए। इसके बाद गौ रक्षकों ने पुलिस को सूचना दी और पुलिस मौके पर पहुंची।
पुलिस ने दोनों कंटेनरों को कब्जे में लेकर जांच शुरू की थी। कंटेनरों में भारी मात्रा में मीट भरा हुआ मिला, जिसके बाद सैंपल लेकर एफएसएल जांच के लिए भेजे गए थे। अब रिपोर्ट आने के बाद मामले ने और गंभीर रूप ले लिया है।जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इतनी बड़ी मात्रा में गाय का मांस कहां से लाया जा रहा था और इसे कहां सप्लाई किया जाना था। साथ ही फरार ड्राइवरों और इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश भी जारी है।
इस घटना के बाद इलाके में तनावपूर्ण माहौल भी देखने को मिला। पुलिस प्रशासन ने एहतियात के तौर पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया है ताकि किसी तरह की अप्रिय स्थिति न बने।विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के मामलों में अक्सर अंतरराज्यीय नेटवर्क सक्रिय होते हैं, जो अवैध तरीके से पशु तस्करी और मांस सप्लाई का काम करते हैं। पुलिस अब कंटेनरों के रजिस्ट्रेशन, ट्रांसपोर्ट दस्तावेज और मोबाइल लोकेशन के जरिए पूरे नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
वहीं गौ रक्षक संगठनों ने पुलिस कार्रवाई की सराहना करते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि इस तरह के मामलों पर कड़ी कार्रवाई जरूरी है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। फिलहाल पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है। माना जा रहा है कि जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।

