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दौसा में बैंक खाते से 30 लाख की धोखाधड़ी, आढ़तिये के खाते से बिना जानकारी निकली बड़ी रकम; जांच शुरू

राजस्थान के Baran जिले के अंता क्षेत्र के निकट बम्बुलिया कला गांव में मंगलवार को एक बड़ा हादसा हो गया, जब गेहूं के खेत में अचानक भीषण आग लग गई। इस घटना में लगभग 4 बीघा तैयार गेहूं की फसल जलकर पूरी तरह राख हो गई।  जानकारी के अनुसार, आग लगने का कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं हो पाया है, लेकिन देखते ही देखते आग ने तेजी से पूरे खेत को अपनी चपेट में ले लिया। धुआं उठता देख आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और आग बुझाने का प्रयास शुरू किया।  ग्रामीणों ने पानी और उपलब्ध संसाधनों की मदद से आग पर काबू पाने की कोशिश की, जिससे आग को अन्य खेतों तक फैलने से रोक लिया गया। स्थानीय लोगों की सतर्कता और त्वरित प्रतिक्रिया के चलते एक बड़ा नुकसान होने से बच गया।  घटना की सूचना मिलने पर स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग को भी जानकारी दी गई। प्रारंभिक आकलन के अनुसार, आग से लगभग 4 बीघा फसल पूरी तरह नष्ट हो गई है, जिससे किसान को आर्थिक नुकसान हुआ है।  किसान परिवार ने बताया कि यह फसल उनकी मेहनत और पूरे सीजन की कमाई का हिस्सा थी, जो कुछ ही मिनटों में आग की भेंट चढ़ गई। घटना के बाद गांव में शोक और चिंता का माहौल है।  ग्रामीणों का कहना है कि गर्मी के मौसम की शुरुआत और सूखी फसल होने के कारण आग तेजी से फैलती है, ऐसे में खेतों के आसपास सुरक्षा इंतजाम बेहद जरूरी हैं। उन्होंने प्रशासन से मुआवजे और मदद की मांग भी की है।  फिलहाल संबंधित विभाग द्वारा नुकसान का आकलन किया जा रहा है और आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।

राजस्थान के Dausa जिले में साइबर और बैंकिंग सुरक्षा पर सवाल खड़ा करने वाला एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां एक आढ़तिये के बैंक खाते से बिना उसकी जानकारी के करीब 30 लाख रुपये निकाल लिए गए। इस घटना के बाद खाताधारकों में दहशत का माहौल है।

यह मामला लालसोट क्षेत्र के मंडावरी कस्बे स्थित अनाज मंडी का है, जहां पीड़ित आढ़तिया गिरिराज प्रसाद मीणा के बैंक खाते से संदिग्ध तरीके से बड़ी रकम की निकासी हुई। जब उन्हें इस लेन-देन की जानकारी मिली तो उनके होश उड़ गए और उन्होंने तुरंत इसकी शिकायत पुलिस में दर्ज कराई।

पीड़ित ने मंडावरी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया कि उनके खाते से 30 लाख रुपये बिना किसी अनुमति या जानकारी के निकाल लिए गए। इस घटना ने न केवल पीड़ित को आर्थिक नुकसान पहुंचाया है, बल्कि बैंकिंग प्रणाली की सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

पुलिस (Rajasthan Police) ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि यह रकम किस माध्यम से और किस तकनीक के जरिए निकाली गई, क्या यह साइबर फ्रॉड का मामला है या बैंकिंग सिस्टम में किसी तरह की गड़बड़ी हुई है।

अधिकारियों के अनुसार, बैंक रिकॉर्ड, ट्रांजेक्शन डिटेल्स और डिजिटल फुटप्रिंट की जांच की जा रही है। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि कहीं किसी अज्ञात व्यक्ति ने ओटीपी, पासवर्ड या अन्य गोपनीय जानकारी का दुरुपयोग तो नहीं किया।

इस घटना के बाद स्थानीय व्यापारियों और खाताधारकों में चिंता बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि मेहनत की कमाई को बैंक में सुरक्षित मानकर रखा जाता है, लेकिन इस तरह की घटनाएं भरोसे को कमजोर करती हैं।

वहीं, पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अपने बैंक खातों से जुड़ी जानकारी किसी के साथ साझा न करें और किसी भी संदिग्ध लेन-देन की स्थिति में तुरंत बैंक और पुलिस को सूचित करें।

फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस इस पूरे नेटवर्क का पता लगाने की कोशिश कर रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि यह धोखाधड़ी कैसे और किस स्तर पर की गई।

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