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दौसा बस-ट्रेलर अग्निकांड के बाद नितिन गडकरी का दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे निरीक्षण, वीडियो में देंखे घटनास्थल पर नहीं रुका काफिला

दौसा बस-ट्रेलर अग्निकांड के बाद नितिन गडकरी का दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे निरीक्षण, वीडियो में देंखे घटनास्थल पर नहीं रुका काफिला

राजस्थान के दौसा जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर हुए भीषण बस-ट्रेलर अग्निकांड में 8 लोगों की मौत के बाद केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार को एक्सप्रेस-वे का निरीक्षण किया। हालांकि, जिस हादसे के बाद इस दौरे की घोषणा की गई थी, उस घटनास्थल पर केंद्रीय मंत्री का काफिला नहीं रुका। उनका काफिला तेज रफ्तार से घटनास्थल को पार कर आगे बढ़ गया।

जानकारी के अनुसार, नितिन गडकरी का निरीक्षण दौरा हरियाणा के सोहना से शुरू होकर मध्य प्रदेश के रतलाम तक प्रस्तावित था। इस दौरान दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे के विभिन्न हिस्सों की समीक्षा की गई। उम्मीद जताई जा रही थी कि केंद्रीय मंत्री दौसा जिले के कोलवा थाना क्षेत्र में हुए भीषण अग्निकांड के स्थान का भी निरीक्षण करेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

घटनास्थल पर नहीं रुका काफिला

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, केंद्रीय मंत्री का करीब दो दर्जन वाहनों का काफिला तेज गति से घटनास्थल के पास से गुजर गया। काफिला कहीं भी नहीं रुका और सीधे आगे बढ़ गया। इसके बाद करीब 35 किलोमीटर दूर स्थित डूंगरपुर इंटरचेंज पर उनका स्वागत कार्यक्रम आयोजित किया गया।

यहां लालसोट विधायक रामबिलास मीणा ने केंद्रीय मंत्री का 21 किलो की माला पहनाकर और साफा बांधकर स्वागत किया। इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कई पदाधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे।

हादसे के बाद घोषित हुआ था निरीक्षण दौरा

गौरतलब है कि दौसा जिले के कोलवा थाना क्षेत्र में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर बस और ट्रेलर की टक्कर के बाद भीषण आग लग गई थी। इस दर्दनाक हादसे में 8 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य घायल हुए थे।

इस घटना के बाद एक्सप्रेस-वे की सुरक्षा व्यवस्था, आपातकालीन बचाव प्रणाली और तकनीकी पहलुओं को लेकर सवाल उठे थे। इन्हीं मुद्दों की समीक्षा के उद्देश्य से केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की ओर से निरीक्षण दौरे की घोषणा की गई थी।

सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा पर फोकस

सूत्रों के अनुसार, निरीक्षण के दौरान एक्सप्रेस-वे पर सुरक्षा मानकों, सड़क इंजीनियरिंग, आपातकालीन सेवाओं और दुर्घटना प्रबंधन व्यवस्था की समीक्षा की गई। मंत्रालय का उद्देश्य भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक सुधारों का आकलन करना है।

हालांकि, केंद्रीय मंत्री के घटनास्थल पर नहीं रुकने को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चाएं भी शुरू हो गई हैं। वहीं, प्रशासन का कहना है कि निरीक्षण का उद्देश्य पूरे एक्सप्रेस-वे की व्यवस्थाओं का मूल्यांकन करना था और संबंधित अधिकारियों से आवश्यक रिपोर्ट भी ली जा रही है।

दौसा अग्निकांड के बाद एक्सप्रेस-वे की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने की मांग लगातार उठ रही है। ऐसे में अब सभी की नजरें इस निरीक्षण के बाद सरकार द्वारा उठाए जाने वाले संभावित कदमों पर टिकी हैं।

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