दौसा में सिलिकोसिस के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर, दो डॉक्टर सहित तीन गिरफ्तार
Dausa जिले में सिलिकोसिस जैसी गंभीर बीमारी के नाम पर चल रहे बड़े फर्जीवाड़े का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। साइबर थाना पुलिस की कार्रवाई में दो डॉक्टरों और एक रेडियोग्राफर को गिरफ्तार किया गया है, जिससे स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन में हड़कंप मच गया है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी लंबे समय से फर्जी मेडिकल प्रमाण पत्र तैयार कर रहे थे। इन प्रमाण पत्रों के जरिए लोगों को सिलिकोसिस पीड़ित दिखाकर सरकारी योजनाओं के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता राशि का गलत तरीके से लाभ उठाया जा रहा था।
Silicosis एक गंभीर और जानलेवा फेफड़ों की बीमारी है, जो आमतौर पर खनन और धूल भरे वातावरण में काम करने वाले श्रमिकों को प्रभावित करती है। सरकार इस बीमारी से पीड़ित लोगों को विशेष आर्थिक सहायता और अन्य सुविधाएं प्रदान करती है। इसी योजना का फायदा उठाने के लिए आरोपियों ने फर्जीवाड़े का नेटवर्क खड़ा कर रखा था।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जांच के दौरान यह भी संकेत मिले हैं कि इस पूरे मामले में और लोग भी शामिल हो सकते हैं। फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और उनके नेटवर्क की गहराई से जांच की जा रही है।
इस खुलासे के बाद प्रशासन ने भी सतर्कता बढ़ा दी है और संबंधित मामलों की जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में इस तरह की धोखाधड़ी रोकने के लिए मेडिकल जांच और प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया को और सख्त किया जाएगा।
स्थानीय स्तर पर इस घटना ने लोगों को चौंका दिया है, क्योंकि यह मामला सीधे तौर पर जरूरतमंद और बीमार लोगों के हक पर डाका डालने से जुड़ा है।
फिलहाल पुलिस इस पूरे फर्जीवाड़े से जुड़े अन्य संदिग्धों की तलाश में जुटी हुई है और जल्द ही और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

