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गेहूं और चना की बंपर बुवाई के बाद भी परेशान हैं किसान, वजह जानिए

गेहूं और चना की बंपर बुवाई के बाद भी परेशान हैं किसान, वजह जानिए

राजस्थान के कई जिलों में इस रबी सीजन में गेहूं और चना की बंपर बुवाई हुई है, लेकिन किसानों की चिंता कम नहीं हुई है। खेतों में फसल तैयार होने के बावजूद कई वजहों से किसान परेशान हैं।

1. पानी की असमय उपलब्धता
हालांकि मानसून ने खेतों में नमी भर दी थी, लेकिन कई क्षेत्रों में सिंचाई के लिए पानी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं है। अगेती बुवाई करने वाले किसानों के लिए समय पर सिंचाई बेहद जरूरी है। यदि बारिश कम हुई या नहरों में पानी नहीं पहुंचा, तो फसल का विकास प्रभावित हो सकता है।

2. बीज और उर्वरक की लागत में वृद्धि
गेहूं और चना की बंपर बुवाई के बावजूद किसान अब भी आर्थिक दबाव में हैं। बीज, उर्वरक और कीटनाशक की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। इससे किसान अपनी उत्पादन लागत पूरी तरह नहीं निकाल पा रहे हैं।

3. बाजार में उचित मूल्य का अभाव
फसल तैयार होने के बावजूद किसानों को आशंका है कि बाजार में गेहूं और चना के उचित दाम नहीं मिलेंगे। मध्यस्थों के कारण कई बार किसानों को लागत मूल्य से कम कीमत पर अपनी फसल बेचनी पड़ती है।

4. कीट और रोगों का खतरा
अगेती बुवाई के बावजूद गेहूं और चना की फसलों में कीट और रोगों का खतरा बना रहता है। विशेषज्ञों के अनुसार, मौसम के अनियमित बदलाव और लगातार उमस से फसल जल्दी प्रभावित हो सकती है।

5. प्राकृतिक आपदाओं का डर
किसान मानसून की बारिश और ठंडी हवाओं से होने वाली नुकसान की आशंका से भी परेशान हैं। बेमौसम बारिश या ओले फसल को नुकसान पहुंचा सकते हैं।

कृषि विशेषज्ञ डॉ. रमेश शर्मा कहते हैं, “बंपर बुवाई होना ही काफी नहीं है। फसल के लिए सिंचाई, खाद, कीटनाशक और बाजार तक पहुंच सुनिश्चित करना जरूरी है। अगर इनमें कमी रही, तो किसानों की मेहनत व्यर्थ जा सकती है।”

किसानों का कहना है कि वे उत्पादन में बढ़ोतरी के बावजूद अपनी आर्थिक स्थिति को लेकर चिंतित हैं। उन्हें उम्मीद है कि सरकार उचित मूल्य और सिंचाई की सुविधाएं सुनिश्चित करे, ताकि बंपर फसल का लाभ सीधे उन्हें मिल सके।

इस प्रकार, बंपर बुवाई के बावजूद किसान कई कारणों से चिंतित हैं। उत्पादन बढ़ने के बावजूद आर्थिक और प्राकृतिक चुनौतियां उनकी परेशानियों को बढ़ा रही हैं।

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