थाना परिसर में ASI और वकील के बीच तीखी बहस, वीडियो में देंखे सरकारी शिक्षक के जमानत मामले ने पकड़ा तूल
दौसा जिले के कोतवाली थाना परिसर में उस समय तनावपूर्ण माहौल बन गया जब एक सरकारी शिक्षक की जमानत और हिरासत को लेकर सहायक उप निरीक्षक (ASI) और एक वकील के बीच तीखी बहस हो गई। यह पूरा मामला एक जमीन विवाद से जुड़ा बताया जा रहा है, जिसमें एक शिक्षक को थाने बुलाया गया था।जानकारी के अनुसार, प्लॉट से जुड़े विवाद के चलते कोतवाली थाना प्रभारी के आदेश पर ASI ने सरकारी शिक्षक सुनील शर्मा को थाने बुलाया था। जैसे ही यह सूचना शिक्षक तक पहुंची, उन्होंने अपने परिचित वकील रिद्धि चंद शर्मा को इसकी जानकारी दी, जिसके बाद वकील भी मौके पर थाने पहुंच गए।
थाने में पहुंचने के बाद वकील ने अपने मुवक्किल की गिरफ्तारी और हिरासत के आधार को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने ASI से स्पष्ट रूप से पूछा कि सुनील शर्मा को किस अपराध के तहत थाने लाया गया है और उनके खिलाफ क्या कार्रवाई की जा रही है। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच बहस तेज हो गई।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बातचीत जल्द ही तनावपूर्ण हो गई और दोनों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। इस दौरान ASI ने कहा कि “डराने की जरूरत नहीं है, ये वर्दी ऐसे ही नहीं मिली है।” वहीं वकील ने भी कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि पहले यह स्पष्ट किया जाए कि उनके मुवक्किल को किस आधार पर थाने लाया गया है।
थाना परिसर में हुई इस बहस ने कुछ समय के लिए असहज स्थिति पैदा कर दी, जहां मौजूद लोग भी घटनाक्रम को देखते रहे। मामला जमीन विवाद से जुड़ा होने के कारण पहले से ही संवेदनशील माना जा रहा था, और अब थाने में हुई इस बहस ने इसे और अधिक चर्चा में ला दिया है।सूत्रों के अनुसार, पूरा विवाद एक प्लॉट से जुड़े मालिकाना हक को लेकर है, जिसमें दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है। इसी विवाद के चलते पुलिस ने हस्तक्षेप किया था और शिक्षक को पूछताछ के लिए थाने बुलाया गया था।
फिलहाल मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया और जांच जारी है। वहीं, थाना परिसर में हुई इस बहस का वीडियो और चर्चा स्थानीय स्तर पर तेजी से फैल रही है, जिससे मामले ने प्रशासनिक हलकों में भी ध्यान आकर्षित किया है। यह घटना एक बार फिर पुलिस कार्रवाई और कानूनी प्रक्रिया को लेकर पारदर्शिता और संवाद की आवश्यकता पर सवाल खड़े करती है।

