वीडियो में देंखे दौसा में बाणगंगा नदी में डूबने से भाई-बहन समेत 3 बच्चों की मौत
राजस्थान के Dausa जिले में एक दर्दनाक हादसे में भाई-बहन समेत तीन बच्चों की बाणगंगा नदी में डूबने से मौत हो गई। यह हादसा उस समय हुआ जब बच्चे मवेशी चराने के लिए नदी के पास गए हुए थे। घटना के बाद इलाके में शोक की लहर फैल गई।
यह हादसा Ban Ganga River के पास रविवार दोपहर करीब पौने तीन बजे हुआ। घटना Santhal Police Station क्षेत्र के बापी गांव के पास की बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार चार बच्चे मवेशी चराने के लिए नदी के किनारे गए थे। बरसाती पानी के कारण नदी में कई जगह गहरे गड्ढों में पानी भरा हुआ था।
जानकारी के मुताबिक बच्चों में पायल, उसका भाई श्याम सुंदर, अमित मीणा और कोमल मीणा शामिल थे। मवेशी चराने के दौरान अचानक पायल का पैर फिसल गया और वह पानी से भरे एक गहरे गड्ढे में गिर गई। पायल को डूबता देख उसका भाई श्याम सुंदर तुरंत उसे बचाने के लिए पानी में कूद गया।
लेकिन गड्ढा गहरा होने के कारण दोनों बच्चे पानी में डूबने लगे। यह देख उनके साथ मौजूद अमित मीणा भी उन्हें बचाने के लिए पानी में छलांग लगा दी। हालांकि गहराई ज्यादा होने और तैरना न आने के कारण तीनों बच्चे पानी से बाहर नहीं निकल सके और डूब गए।
घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और बच्चों को ढूंढने की कोशिश शुरू की। काफी प्रयासों के बाद करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद तीनों बच्चों के शव पानी से भरे गड्ढे से बाहर निकाले गए। इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों को अस्पताल पहुंचाया गया। हालांकि अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद तीनों बच्चों को मृत घोषित कर दिया। इस दर्दनाक हादसे के बाद परिवार और गांव में मातम का माहौल है।
पुलिस ने बताया कि प्राथमिक जांच में यह सामने आया है कि नदी में बने गहरे गड्ढों में बरसाती पानी भरा हुआ था, जिसमें फिसलकर गिरने से यह हादसा हुआ। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच की जा रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि नदी के आसपास कई जगह गहरे गड्ढे बने हुए हैं, जो बरसात के पानी से भर जाते हैं और बच्चों के लिए खतरा बन जाते हैं। उन्होंने प्रशासन से इस तरह के खतरनाक स्थानों पर सुरक्षा इंतजाम करने की मांग की है।
इस हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। गांव के लोग इस दुखद घटना से स्तब्ध हैं और पीड़ित परिवार को सांत्वना देने के लिए बड़ी संख्या में लोग उनके घर पहुंच रहे हैं।

