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Darjeeling  468 करोड़ की लागत से बना टाला ब्रिज 3 साल बाद खुलेगा
 

Darjeeling  468 करोड़ की लागत से बना टाला ब्रिज 3 साल बाद खुलेगा


पश्चिमी बंगाल न्यूज़ डेस्क, तीन साल बाद महानगर को उत्तर से दक्षिण की ओर जोड़ने वाला टाला ब्रिज शुक्रवार से खुल जाएगा. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद नवनिर्मित टाला ब्रिज का उद्घाटन करेंगी. पहले ब्रिज की उद्घाटन तिथि 24 सितंबर रखी गई थी उसके बाद 29 सितंबर रखी गई. फिर पर अचानक इसे बदलकर 22 सितंबर कर दिया गया. इसके बाद यह आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा. टाला ब्रिज के खुल जाने से आम लोगों को राहत मिलेगी. पिछले तीन सालों से वहां लोगों को यातायात की समस्या उठानी पड़ रही थी. प्रशासन ने दावा किया था कि महालया से पहले ब्रिज चालू हो जाएगा.

शुरुआत में केवल हल्के वाहन: माना जा रहा है कि आइआइटी खड़गपुर के इंजीनियरों की फाइनल रिपोर्ट आ गई है इसलिए इसे सरकार खोल रही है. सूत्रों ने बताया कि टाला ब्रिज की शुरुआत में केवल हल्के वाहन चलाए जाएंगे. स्थिति का आकलन करने के बाद और रिपोर्ट संतोषजनक पाये जाने पर ही भारी वाहन चलाने का निर्णय लिया जाएगा.
इस कारण नया ब्रिज
माझेरहाट पुल के ढह जाने के बाद खतरे से बचने के लिए पुराने टाला ब्रिज को तोड़कर नया ब्रिज बनाने का निर्णय लिया गया. मुंबई ब्रिज विशेषज्ञ वीके रैना ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया. 1 फरवरी, 2020 से टाला ब्रिज पर यातायात पूरी तरह से बंद कर दिया गया. पुनर्निर्माण कार्य शुरू हुआ.
1500 मजदूरों की मेहनत
468 करोड़ रुपए की लागत से 750 मीटर लंबा नया ब्रिज भी केबल स्टे रेलओवर ब्रिज के रूप में अपनी शुरुआत कर रहा है. इतना ही नहीं पहले यह तीन लेन का पुल था, लेकिन नया ब्रिज चार लेन का है, इसलिए दोनों तरफ फुटपाथ हैं. 1500 मजदूरों की मेहनत के बाद इस नया रूप दिया जा सका.
रेलवे की बड़ी भूमिका
जब भी किसी रेलवे लाइन के ऊपर से कोई ब्रिज गुजरता है तो ऐसे में लाइन के ऊपर का हिस्सा रेलवे की देखरेख में होता है. वहां किसी भी तरह का बदलाव तभी संभव है जब रेलवे बोर्ड की सहमति हो. माझेरहाट ब्रिज की ही तरह टाला ब्रिज भी आरोबी (रेल ओवर ब्रिज) है. प्राप्त जानकारी के मुताबिक टाला ब्रिज के लिए भी यह अनुमति रेलवे की तरफ से दी गयी है. रेल की तरफ से अनुमति मिल गई.
इसके बाद से ही टाला ब्रिज का काम तेजी से चला.

दार्जीलिंग न्यूज़ डेस्क !!!
 

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