Samachar Nama
×

Darbhanga छात्र व मजदूर एचआईवी के हो रहे शिकार, जागरुकता के अभाव में आ रहे संक्रमण की चपेट में, असुरक्षित यौन संबंध बताया जा रहा मुख्य कारण
 

Darbhanga छात्र व मजदूर एचआईवी के हो रहे शिकार, जागरुकता के अभाव में आ रहे संक्रमण की चपेट में, असुरक्षित यौन संबंध बताया जा रहा मुख्य कारण


बिहार न्यूज़ डेस्क  एचआईवी जैसी खतरनाक बीमारी के संबंध में अभी भी काफी संख्या में लोगों को जानकारी नहीं है. खासकर परिवार के लिए दो वक्त की रोटी की जुगाड़ में दूसरे राज्यों में काम कर रहे प्रवासी मेहनतकश एचआईवी और एड्स जैसी जानलेवा बीमारी के प्रति जागरूक नहीं हैं.
परदेस में असुरक्षित यौन संबंध स्थापित कर यह वर्ग तेजी से एचआइवी की चपेट में आ रहा है. वहीं, बाहर पढ़ने वाले कई छात्र भी इसके शिकार हो चुके हैं. डीएमसीएच के इंटीग्रेटेड काउंसलिंग एंड टेस्टिंग सेंटर फॉर एचआईवी में होने वाली जांच में हर महीने करीब दो दर्जन लोग एचआईवी से ग्रसित पाए जा रहे हैं. विभिन्न प्रखंडों से प्राप्त जांच रिपोर्ट पर गौर किया जाए तो यह संख्या दोगुनी हो जाती है. अक्टूबर में करीब 15 सौ लोगों की जांच में 46 लोग एचआईवी पॉजिटिव पाए गए. इनमें से डीएमसीएच में 803 लोगों की जांच में 22 मरीज पॉजिटिव पाए गए. वहीं प्रखंडों में हुई जांच में 24 मरीज संक्रमित निकले. नवंबर में अभी तक हुई जांच में 50 लोग संक्रमित पाए जा चुके हैं. इनमें डीएमसीएच में हुई 610 जांच में 21 पॉजिटिव मरीज शामिल हैं. इससे पूर्व जून में 21, जुलाई में 30, अगस्त में 18 और सितंबर में 27 मरीज संक्रमित पाए गए थे. वहीं प्रखंडों में इस दौरान मिले संक्रमितों की संख्या जोड़ने पर मरीजों की संख्या और अधिक हो जाएगी. बहरहाल एचआईवी की चपेट में आने से लोगों को बचाने के लिए जागरुकता अभियान को और भी ज्यादा गति प्रदान करने की जरूरत है. एचआईवी से ग्रसित होने के कई कारण हैं, लेकिन असुरक्षित यौन संबंध स्थापित करने की वजह से अधिकतर लोग इसके चपेट में आ जाते हैं. उनकी गलतियों का खामियाजा उनके परिवार को भुगतना पड़ता है.

इन कारणों से हो सकते हैं एचआईवी से पीड़ित
● एक से अधिक लोगों से यौन संबंध बनाना ● वेश्यावृत्ति करने वालों से यौन संबंध बनाना ●नशीली दवाइयां इंजेक्शन के माध्यम से लेना ●विभिन्न तरह की यौन रोगों से ग्रसित होना ● बिना जांच किया हुआ रक्त ग्रहण करना ●संक्रमित पिता या मां से पैदा होने वाले बच्चे
एचआइवी पीड़ितों को योजनाओं का मिल रहा लाभ
डीएमसीएच के एचआईवी केंद्र में 9879 मरीज निबंधित हैं. फिलहाल चार हजार से अधिक मरीज दवा लेने वहां पहुंचते हैं. कई मरीज बाहर काम करते हैं. वे वहां से दवा प्राप्त कर रहे हैं. वयस्क को शताब्दी योजना के तहत हर महीने सरकारी मदद के रूप में 1500 रुपये का भुगतान किया जाता है. वहीं बच्चों को परवरिश योजना के तहत प्रति माह एक हजार की राशि दी जाती है.
औसतन हर महीने 20-25 नए मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं. असुरक्षित यौन के कारण अधिकतर एचआईवी से ग्रसित हो रहे हैं. यह देखा गया है कि पंजाब से लौटे कई लोग ड्रग्स के आदी हैं. एक ही नीडिल से कई लोग इंजेक्शन लेकर एचआईवी की चपेट में आ रहे हैं.
-डॉ. मनीष कुमार, मेडिकल ऑफिसर

दरभंगा न्यूज़ डेस्क
 

Share this story