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चूरू में 50 घंटे बाद समाधि से निकाला साधु का शव, वीडियो में जाने हत्या का केस दर्ज; छह नामजद समेत अन्य पर आरोप

चूरू में 50 घंटे बाद समाधि से निकाला साधु का शव, वीडियो में जाने हत्या का केस दर्ज; छह नामजद समेत अन्य पर आरोप

राजस्थान के चूरू जिले की रतनगढ़ तहसील के सांगासर गांव में दो संतों के बीच झगड़े के बाद एक साधु की मौत के मामले में गुरुवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया। करीब 50 घंटे बाद प्रशासन के आदेश पर साधु के शव को समाधि से बाहर निकाला गया। इसके बाद जालान अस्पताल की मोर्चरी में मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाया गया और शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने परिजनों की रिपोर्ट के आधार पर छह नामजद सहित अन्य लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

उपखंड मजिस्ट्रेट के आदेश पर निकाला शव

जानकारी के अनुसार, सांगासर गांव में साधु बन्नानाथ की मौत के बाद उनके शव को समाधि दे दी गई थी। मामले में परिजनों की ओर से शिकायत दर्ज कराए जाने के बाद प्रशासन ने शव को बाहर निकलवाने की प्रक्रिया शुरू की।गुरुवार को उपखंड मजिस्ट्रेट के आदेश पर तहसीलदार अंकित मिमानी की मौजूदगी में पुलिस ने समाधि से शव निकलवाया। इसके बाद शव को जालान अस्पताल की मोर्चरी में ले जाया गया, जहां मेडिकल बोर्ड ने पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।

वर्ष 2004 में लिया था संन्यास

पुलिस को दी गई रिपोर्ट में सिरसा निवासी हंसराज पुत्र मोहनलाल ने बताया कि उनके छोटे भाई बन्नानाथ ने वर्ष 2004 में संन्यास लिया था और साधु बन गए थे। हंसराज के मुताबिक, बन्नानाथ पिछले करीब दो वर्षों से रावतसर में बालकनाथ के आश्रम में रह रहे थे।परिजनों को जानकारी मिली कि बालकनाथ के साथ हुए झगड़े के बाद बन्नानाथ की मौत हो गई। इसके बाद परिवार ने मामले की जानकारी जुटाई और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

मारपीट कर हत्या करने का आरोप

हंसराज ने अपनी रिपोर्ट में आरोप लगाया कि बन्नानाथ के साथ मारपीट की गई, जिससे उनकी मौत हो गई। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि घटना से जुड़े सबूत छिपाने के उद्देश्य से परिजनों को सूचना दिए बिना शव को समाधि दे दी गई।इन आरोपों के आधार पर पुलिस ने छह नामजद लोगों सहित अन्य के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है। हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर होगी।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच पर नजर

शव को समाधि से बाहर निकालकर पोस्टमार्टम कराए जाने के बाद अब मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए मेडिकल रिपोर्ट महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पुलिस मामले से जुड़े घटनाक्रम, संतों के बीच हुए विवाद और शव को समाधि देने की परिस्थितियों की जांच कर रही है।फिलहाल, पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि बन्नानाथ की मौत किन परिस्थितियों में हुई और इस मामले में किसकी क्या भूमिका रही।

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