स्टूंडेट हो रहे मेडिकल टीचर्स के अवकाश के कारण परेशान
उधर, राजमेस के चिकित्सा शिक्षकों ने गुरुवार दोपहर डीबी अस्पताल की पुरानी इमरजेंसी के सामने धरना दिया। वहां उन्होंने ख़त्म हो रहे कैडर का पुतला बनाया और उस पर पुष्पांजलि अर्पित की. आरएमटीसीए अध्यक्ष डॉ. मुकेश खेदड़ ने कहा कि सरकार उनके साथ भेदभाव कर रही है. पिछले सात वर्षों से मेडिकल शिक्षकों ने अपने अनुभव और मेहनत से कॉलेज में काम किया है, लेकिन आज उनके साथ यह भेदभाव ठीक नहीं है. इसके अलावा सरकार कई जिलों में नये कॉलेज खोल रही है. ऐसे में कौन काम करेगा? इस अवसर पर डाॅ. मुकेश खेदड़, एनेस्थेटिक डॉ. दीपक चौधरी, डाॅ. राजेश शर्मा, फिजिशियन डाॅ. दीपक चौधरी, डाॅ. राजेंद्र रयाल, डाॅ. विश्वजीत सिंह, डाॅ. कुलदीप बिजारणिया, डाॅ. दिलीप निर्वाण, अजितल सोनी, डाॅ. अभिमन्यु तिवारी, डाॅ. बजरंग सोनी, डाॅ. विकास देवड़ा, डाॅ. खुर्शीदा बानो, डाॅ. सुरेंद्र धिंटाला सहित एसोसिएशन के सभी चिकित्सा शिक्षक मौजूद रहे।

