सांवलिया सेठ मंदिर में VIP गेट पर हंगामा, ताला तोड़कर घुसे श्रद्धालु; फुटेज में जाने गार्ड्स से मारपीट, 4 आरोपी गिरफ्तार
राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले स्थित प्रसिद्ध सांवलिया सेठ मंदिर में मंगलवार को दर्शन के दौरान जमकर हंगामा हो गया। अमावस्या के अवसर पर भारी भीड़ के बीच कुछ श्रद्धालु VIP गेट से प्रवेश की मांग को लेकर अड़ गए। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर उन्होंने गेट का ताला तोड़ दिया, सुरक्षाकर्मियों से मारपीट की और उनकी वर्दी तक फाड़ डाली। पुलिस ने मौके से चार लोगों को हिरासत में लेकर उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। घटना मंडफिया थाना क्षेत्र की है और इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया है।
VIP गेट से प्रवेश को लेकर शुरू हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार, अमावस्या के कारण मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी हुई थी। इसी दौरान कुछ लोग सामान्य कतार छोड़कर VIP गेट से प्रवेश की मांग करने लगे। जब वहां तैनात सुरक्षा गार्डों ने उन्हें रोका तो विवाद शुरू हो गया।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक युवक गुस्से में लाठी लेकर आया और VIP गेट पर वार करने लगा। इसके बाद कुछ लोगों ने मिलकर गेट का ताला तोड़ दिया और जबरन मंदिर परिसर में प्रवेश कर गए।
गार्ड्स से मारपीट, वर्दी भी फाड़ी
मंदिर प्रशासन के अनुसार, गेट के अंदर घुसने के बाद हंगामा कर रहे लोगों ने सुरक्षाकर्मियों के साथ मारपीट की और उनकी यूनिफॉर्म भी फाड़ दी। घटना की सूचना मिलते ही मंदिर के अन्य सुरक्षा कर्मी मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया।सुरक्षाकर्मियों ने हंगामा कर रहे चार लोगों को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।
मंदिर प्रशासन ने दर्ज कराया मामला
मंदिर प्रशासन की ओर से सुरक्षा गार्ड प्रहलाद गाडरी ने मंडफिया थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसे पुलिस जांच के दौरान साक्ष्य के रूप में देख रही है।
मंदिर मंडल ने दी सफाई
सांवलिया सेठ मंदिर मंडल के अध्यक्ष हजारी दास वैष्णव ने बताया कि संबंधित VIP गेट हरिजन मोहल्ला की ओर स्थित है और इसका उपयोग मुख्य रूप से मंदिर कर्मचारियों, मंदिर मंडल के पदाधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों के आवागमन के लिए किया जाता है।उन्होंने कहा कि जब श्रद्धालुओं की संख्या अधिक होती है, तब व्यवस्था के अनुसार कुछ समय के लिए आम श्रद्धालुओं को भी इसी गेट से प्रवेश कराया जाता है। अमावस्या की सुबह भी कुछ समय तक इसी गेट से श्रद्धालुओं को प्रवेश दिया गया था, लेकिन बाद में व्यवस्था के अनुसार इसे बंद कर दिया गया।
पुलिस कर रही मामले की जांच
पुलिस का कहना है कि घटना में शामिल सभी लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है। वायरल वीडियो और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि दर्शन के दौरान व्यवस्था बनाए रखें और सुरक्षा कर्मियों के निर्देशों का पालन करें, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।

