चित्तौड़गढ़ में खनिज नीलामी की तैयारी, फुटेज में जानें 4 से 13 मार्च तक नए प्लॉटों की नीलामी
चित्तौड़गढ़ जिले में खनिज विभाग ने खनन के लिए चिन्हित किए गए नए डेलिनिएशन (सीमांकन) प्लॉटों की नीलामी 4 मार्च से 13 मार्च के बीच अलग-अलग तारीखों पर करने की घोषणा की है। इस नीलामी के माध्यम से राज्य सरकार को करोड़ों रुपए का राजस्व मिलने की उम्मीद है।
खनिज विभाग ने जिले में मेज़र और माइनर मिनरल्स के लिए नए प्लॉट तय किए हैं। इन प्लॉटों को अब औपचारिक रूप से नीलामी प्रक्रिया में शामिल किया जा रहा है। विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस नीलामी के माध्यम से सरकार को प्रीमियम राशि और अपफ्रंट पेमेंट के रूप में सीधा आर्थिक लाभ प्राप्त होगा।
नीलामी प्रक्रिया को पारदर्शी और प्रतिस्पर्धात्मक बनाने के लिए सभी प्लॉटों की जानकारी सार्वजनिक की गई है। इच्छुक निवेशकों और खनन व्यवसायियों को नीलामी में भाग लेने के लिए आवश्यक दस्तावेज और शर्तें पहले ही जारी कर दी गई हैं।
खान विभाग के अधिकारियों ने बताया कि नीलामी में शामिल प्लॉटों की संख्या और उनके प्रकार की जानकारी जल्द ही विभाग की वेबसाइट और स्थानीय कार्यालयों में उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि नीलामी के दौरान सभी सरकारी नियमों और पर्यावरणीय मानकों का पालन करना अनिवार्य होगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि खनिज नीलामी से राज्य सरकार को न केवल राजस्व में वृद्धि होगी, बल्कि खनन क्षेत्र में व्यापार और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और खनिज संसाधनों का प्रभावी उपयोग संभव होगा।
नीलामी से संबंधित विभागीय अधिकारियों ने निवेशकों को समय पर नीलामी में भाग लेने और सभी शर्तों को पूरा करने का निर्देश दिया है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि नियमों और प्रक्रियाओं का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
राज्य सरकार की योजना है कि इस नीलामी के माध्यम से प्राप्त धनराशि का उपयोग विकास परियोजनाओं, ग्रामीण अवसंरचना और खनन क्षेत्र में निगरानी सुविधाओं के विस्तार में किया जाएगा। इससे यह सुनिश्चित होगा कि खनिज संसाधनों का संचालन पारदर्शी और सामाजिक रूप से लाभकारी हो।
इस बार की नीलामी में खनिज विभाग ने सभी सुरक्षा और पर्यावरण नियमों को ध्यान में रखा है। अधिकारियों ने कहा कि नीलामी प्रक्रिया के दौरान किसी भी तरह की अनियमितता नहीं होने दी जाएगी और सभी प्रतिभागियों को समान अवसर दिए जाएंगे।
अतः, चित्तौड़गढ़ में 4 से 13 मार्च के बीच होने वाली खनिज नीलामी राज्य सरकार के लिए आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण और पारदर्शी पहल साबित होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस नीलामी के जरिए राज्य को लंबे समय तक स्थायी लाभ मिलेगा और खनिज क्षेत्र में निवेश का माहौल और मजबूत होगा।

