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डेढ़ साल के विलोहित ने रचा रिकॉर्ड, वीडियो में देंखे 20 सोलर सिस्टम फ्लैश कार्ड सिर्फ 1 मिनट 19 सेकंड में पहचाने

डेढ़ साल के विलोहित ने रचा रिकॉर्ड, वीडियो में देंखे 20 सोलर सिस्टम फ्लैश कार्ड सिर्फ 1 मिनट 19 सेकंड में पहचाने

चित्तौड़गढ़ के रावतभाटा के रहने वाले महज डेढ़ साल के विलोहित गौतम ने अपनी असाधारण प्रतिभा से परिवार और शहर का नाम रोशन किया है। विलोहित को इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड्स की ओर से ‘सुपर टैलेंटेड किड’ का खिताब दिया गया है। रिकॉर्ड से जुड़ा प्रमाण पत्र दो दिन पहले विलोहित के घर पहुंचा। इसमें उसे ‘वन इन ए मिलियन’ यानी 10 लाख बच्चों में एक बताया गया है।

विलोहित की उम्र अभी करीब 1 साल 7 महीने है, लेकिन इतनी कम उम्र में उसने कई ऐसी गतिविधियों में अपनी प्रतिभा दिखाई है, जिनके लिए आमतौर पर बच्चों को काफी समय लगता है। विलोहित ने महज 1 साल 4 महीने की उम्र में सौरमंडल से जुड़े 20 फ्लैश कार्ड सिर्फ 1 मिनट 19 सेकंड में पहचानकर रिकॉर्ड बनाया। इसके अलावा उसने 8 सौरमंडल ग्रहों को 1 मिनट 4 सेकंड में पहचानने का भी रिकॉर्ड बनाया है।

विलोहित की प्रतिभा सिर्फ सौरमंडल तक सीमित नहीं है। वह ज्यामितीय आकृतियों, भारत के नक्शे, फल-सब्जियों, पशु-पक्षियों और अलग-अलग वाहनों से जुड़े चित्रों को भी पहचान लेता है। इसके साथ ही वह अंग्रेजी अक्षरों से संबंधित पजल भी हल करता है। इतनी कम उम्र में अलग-अलग चीजों को तेजी से पहचानने और उन्हें याद रखने की उसकी क्षमता ने परिवार को भी हैरान कर दिया।

परिवार के मुताबिक, विलोहित में बचपन से ही अलग-अलग वस्तुओं को पहचानने की विशेष रुचि दिखाई देती थी। उसकी इसी रुचि को देखते हुए घर में सौरमंडल, सब्जियों, फल, पशु-पक्षियों और अन्य चीजों से जुड़े फ्लैश कार्ड और पजल लाए गए। परिवार ने बताया कि विलोहित को इन चीजों से खेलने में काफी रुचि थी। वह अपनी इच्छा से फ्लैश कार्ड और पजल के साथ समय बिताने लगा और धीरे-धीरे तस्वीरों तथा वस्तुओं को पहचानकर उनके बारे में बताने लगा।बच्चे की इस प्रतिभा को देखते हुए परिवार ने इसे रिकॉर्ड के रूप में दर्ज कराने का फैसला किया। इसके लिए 1 जुलाई और 7 जुलाई को इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड्स की वेबसाइट पर दो अलग-अलग वर्गों में आवेदन किया गया। आवेदन के साथ विलोहित की उपलब्धियों से जुड़े प्रमाण और प्रदर्शन की जानकारी उपलब्ध कराई गई।

रिकॉर्ड संस्था की ओर से प्रक्रिया पूरी होने के बाद विलोहित को ‘सुपर टैलेंटेड किड’ का खिताब दिया गया। प्रमाण पत्र में उसकी प्रतिभा को ‘वन इन ए मिलियन’ के तौर पर दर्ज किया गया है। रिकॉर्ड का प्रमाण पत्र घर पहुंचने के बाद परिवार में खुशी का माहौल है।विलोहित की उपलब्धि यह भी दिखाती है कि छोटे बच्चों की रुचि और जिज्ञासा को सही तरीके से प्रोत्साहित किया जाए तो वे कम उम्र में ही कई नई चीजें सीख सकते हैं। परिवार ने उसकी रुचि को पढ़ाई के दबाव के बजाय खेल और गतिविधियों के जरिए आगे बढ़ाया। फ्लैश कार्ड और पजल के माध्यम से सीखने की इसी प्रक्रिया ने विलोहित की प्रतिभा को निखारने में मदद की।

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