चित्तौड़गढ़ में तारबंदी में फंसा लेपर्ड, वीडियो में जाने 3 घंटे चले रेस्क्यू के बाद वन विभाग ने किया सुरक्षित रिहा
चित्तौड़गढ़ जिले में शुक्रवार शाम उस समय दहशत फैल गई जब एक नर लेपर्ड खेत की तारबंदी में फंस गया। करीब ढाई से तीन साल का यह लेपर्ड काफी देर तक खुद को छुड़ाने की कोशिश करता रहा, जिससे उसके घायल होने का खतरा बढ़ गया। बाद में वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर सफल रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया।
कपासन रेंज के जासमा की ढाणी में मिला लेपर्ड
यह घटना कपासन रेंज के जासमा की ढाणी क्षेत्र की है। ग्रामीणों ने खेत में तारबंदी में फंसे लेपर्ड को देखा और तुरंत वन विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही विभाग की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू अभियान शुरू किया।
काफी देर तक खुद को छुड़ाने की कोशिश करता रहा लेपर्ड
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, लेपर्ड काफी देर तक तारबंदी से निकलने के लिए संघर्ष करता रहा। इस दौरान उसके घायल होने की आशंका भी बनी हुई थी, जिससे मौके पर तनाव का माहौल बन गया।
3 घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन, ट्रेंकुलाइज कर निकाला गया
वन विभाग की टीम ने करीब तीन घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन में पहले स्थिति को नियंत्रित किया और फिर लेपर्ड को ट्रेंकुलाइज किया। बेहोश होने के बाद उसे सावधानीपूर्वक तारबंदी से बाहर निकाला गया।
जांच में लेपर्ड स्वस्थ पाया गया
रेस्क्यू के बाद मौके पर ही लेपर्ड की प्राथमिक जांच की गई, जिसमें वह पूरी तरह स्वस्थ पाया गया। इसके बाद उसे सुरक्षित स्थान पर ले जाने की तैयारी की गई।
बस्सी सेंचुरी में सुरक्षित छोड़ा गया
वन विभाग की टीम ने लेपर्ड को बस्सी सेंचुरी के मेकपुरा रिलोकेशन सेंटर में ले जाकर सुरक्षित रूप से छोड़ दिया। अधिकारियों के अनुसार, यह क्षेत्र वन्यजीवों के लिए अनुकूल है और यहां उनकी निगरानी भी की जाती है।
ग्रामीणों ने ली राहत की सांस
इस घटना के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। वन विभाग की त्वरित कार्रवाई से एक बड़ी अनहोनी टल गई और लेपर्ड को सुरक्षित बचा लिया गया।

